दिल्ली में बिहार के डिलीवरी बॉय की हत्या के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन एवं पुतला दहन
मोतिहारी। बिहारी होना गुनाह है,
बिहारी नाम सुनते ही पुलिस वाले ने नशे की हालत में गोली मारी, यह केवल एक हत्या नहीं बल्कि मानवता और कानून व्यवस्था पर एक गहरा घाव है। एक डिलीवरी बॉय जो अपनी मेहनत से दो वक्त की रोटी कमा रहा था, उसे उसकी पहचान के कारण मार दिया गया? जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो आम आदमी कहां जाए? ये बातें मोतिहारी कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष अखिलेश दयाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कही, कहा के यह बेहद गंभीर मामला है, किसी भी नागरिक के साथ ऐसी हिंसा पूरी तरह अस्वीकार्य है।
यह केवल एक हत्या नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल है। पांडव कुमार के परिवार को पूर्ण न्याय मिलना चाहिए और इसके लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। अगर पांडव कुमार को अपने परिवार के लिए दस हजार कमाने दिल्ली नहीं आना पड़ता, तो शायद वह आज जिंदा होता। वह शौक से नहीं मजबूरी में घर छोड़कर बेहतर जिंदगी की उम्मीद में वहां गया था, उसकी मौत सिर्फ एक घटना नही, यह उस व्यवस्था की नाकामी है, जो लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर करती है।
इस निर्मम घटना के खिलाफ मोतिहारी कांग्रेस के द्वारा गांधी चौक पर विरोध प्रदर्शन किया गया। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया गया। उक्त अवसर पर मुमताज अहमद, अनवर आलम अंसारी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष बिट्टू यादव, संजीव कुमार सिंह उर्फ टून्नी सिंह, गुंजन मिश्र, प्रीतम अग्रवाल, मो. चांद, दिलनवाज रशीद सहित कई अन्य मौजूद थें।

