विश्व पर्यावरण जागरूकता सप्ताह के तहत जन संवाद एवं संगोष्ठी
मोतिहारी। विश्व पर्यावरण जागरूकता सप्ताह का पांचवां पड़ाव सुगौली प्रखण्ड के ग्राम – धनई महादेव टोला, एक प्राचीन शिवालय परिसर में आयोजित किया गया। जन संवाद मंच की बैठक की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) पवन कुमार ने की।
उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में लोगों को आह्वान किया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में जल अपव्यय को रोकने का प्रयास करें। घरेलू कचरे का निस्तारण उचित जगह पर करें। शिक्षक उदय प्रकाश श्रीवास्तव ने पर्यावरण संरक्षण विषय पर अपना विचार प्रस्तुत कर कहा कि पर्यावरण एक चक्र का नाम है,जहां जंगल है,वहां वर्षा होती है,उससे खेती करना आसान होता है।
यदि यह चक्र टूटी तो हमारे सामने कई प्रकार के संकट उत्पन्न हो जाएंगे। इस अवसर पर प्रो. किशोरी प्रसाद भारती ने कहा कि हमें नई पीढ़ी को एक बेहतर दुनिया दे सकें, इसके लिए हमें मिलजुलकर कार्य करना होगा, प्रकृति प्रदत्त,धरती, जंगल,जल का समुचित प्रबंधन करना होगा। प्रो. भारती ने कहा कि साइंस डोमिनेट समाज पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक कुछ नहीं कर पा रहा है, इसलिए ग्लोबल वार्मिंग का खतरा बढ़ता जा रहा है।
इस अवसर पर समाज सेवी नूरुल हसन ने प्रत्येक व्यक्ति को अपने आस पास पेड़ लगाने की सलाह दिया। इनोवेटर प्रमोद स्टीफेन ने अपने आविष्कारों के बारे में बताया जिससे एयर कंडीशन मशीन की हवा को ठंढ़ा किया जा सकता है। उनके द्वारा न्यू डिजाइन के बायोगैस प्लांट स्थापित करने पर जोर दिया। मंच संचालन अजहर हुसैन अंसारी ने किया।

