नेपाल सरकार ने दैनिक उपयोग के आवश्यक सामान ले जाने की दी अनुमति
-सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों की पहल पर चेकपोस्ट पर आम नागरिकों को मिली राहत
रक्सौल। नेपाल सरकार ने रक्सौल – बीरगंज समेत सीमा क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए सभी चेकपोस्ट पर दैनिक उपयोग के आवश्यक सामान ले जाने की अनुमति दे दी है। नेपाल सरकार द्वारा जारी इस निर्देश के बाद अब स्थानीय लोगों को राशन, दवाइयां, फल-सब्जियां सहित घरेलू जरूरत के सामान ले जाने में रोका नहीं जाएगा।
नेपाल पुलिस एवं सीमा सुरक्षा इकाइयों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे केवल बड़े पैमाने के व्यापारिक माल या अवैध वस्तुओं की जांच करें। आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सीमा पर रहने वाले मधेशी समुदाय के लोग लंबे समय से सख्त जांच और सामान जब्त किए जाने की समस्या से जूझ रहे थे। खासकर रक्सौल – बीरगंज जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजाना आवाजाही करने वाले हजारों परिवारों को इससे सीधा लाभ मिलेगा। इस फैसले से सीमा क्षेत्र में सामान्य जनजीवन सुगम होने की उम्मीद है।
नेपाल सरकार के इस निर्णय का विभिन्न सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों ने स्वागत किया है। भारत विकास परिषद, शाखा रक्सौल के अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी, लायंस क्लब ऑफ रक्सौल के अध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी लायन बिमल सर्राफ,रक्सौल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार श्रीवास्तव, महासचिव शंभु प्रसाद चौरसिया, टेक्सटाइल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता एवं इंडो-नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने संयुक्त रूप से कहा कि यह कदम भारत-नेपाल के बीच सदियों से चली आ रही बेटी – रोटी के संबंध को और अधिक प्रगाढ़ करते हुए ऐतिहासिक खुली सीमा संबंधों की भावना के अनुरूप है।
व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस फैसले से स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। अब लोगों को चेकपोस्ट पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे सीमा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और द्विपक्षीय संबंध और अधिक मजबूत होगा।
उल्लेखनीय है कि इससे दो दिन पूर्व ही इन संगठनों ने 100 रुपये से अधिक की भारतीय सामानो की खरीददारी पर भन्सार (कस्टम शुल्क) लगाए जाने के निर्णय पर गहरी चिंता व्यक्त की थी एवं सभी भारत व नेपाल के मीडिया में प्रमुखता से उठाया था। ऐसे में नेपाल सरकार का यह नया फैसला राहत भरा संतुलित कदम माना जा रहा है। ऐसे सराहनीय नेपाल सरकार के फैसले से भारत नेपाल के बेटी रोटी के सम्बन्धों को पुनः मजबूती मिलेगी।

