संग्रामपुर का बालग्न चंवर बनेगा मत्स्य पालन का हब
-राज्यस्तरीय टीम ने लिया जायजा
-टीम पटवा, रोहुआ व बगही चंवर का भी अवलोकन किया
पूर्वी चपारण। जिला मत्स्य उत्पादन का हब संग्रामपुर प्रखंड है, इसे और विस्तारित करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं । नतीजतन चंवर विकास को लेकर संग्रामपुर प्रखंड के पटवा, बालग्न व रहुआ चंवर को देखा गया।
ये बातें पटना से आए संयुक्त मत्स्य निदेशक देवेंद्र नायक ने कहा। निदेशक ने बताया कि चंवर विकास योजना के तहत संग्रामपुर प्रखंड के कई चंवरो का मुआयना किया गया। जिसमें पटवा, बगही,रंगवा चंवर शामिल हैं। बालगन चंवर में लगभग तीस एकड़ में तालाब निर्माण कर मत्स्य पालन का काम किया जा रहा है। निदेशक ने बताया कि 5 साल के अंदर मछली उत्पादन में दो गुना विस्तार किया जाना है।
इसके लिए खाली पड़े किसानों की वैसे भूमि जहां खेती नही होती है। उसमें तालाब निर्माण के लिए इन्वेस्टर को भी आमंत्रित किया जायेगा,ताकि किसान सहूलियत से मछली पालन कर लाभ कमा सके। किसान समूह और क्लस्टर के माध्यम से किसान मत्स्य पालन का लाभ ले सकते हैं। पटना से आई टीम ने प. उत्तरी बरियरिया पंचायत के बरियरिया कश फिसरीज पहुंचकर मछली पालन व मछली बीज उत्पादन को देखा।
कश्यप फिसरीज लगभग तीस एकड़ में फैला है। उसके संचालक यतीन्द्र कुमार कश्यप ने टीम को मछली बीज, रंगीन मछलियों के जीरा बीज उत्पादन के संबंध में जानकारी दिये।
मौके पर जिला मत्स्य पदाधिकारी मनोरंजन कुमार, एनएफडीबी पटना के आर्य प्रिया, वीरेंद्र कुमार, प्रखंड मत्स्य पदाधिकारी संजीत कुमार, मत्स्य अभियंता मनोज कुंवर, सोनू मिश्रा एवं किसान विनोद सिंह, अमरेंद्र कुमार वर्मा, यतीन्द्र पाण्डेय, लालबाबू सिंह, मुखिया प्रतिनिधि पप्पू महतो सहित कई मौजूद थे।

