मृतक के परिजनों से मिले जनसुराज के प्रदेश अध्यक्ष 

मृतक के परिजनों से मिले जनसुराज के प्रदेश अध्यक्ष 
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– राजस्थान सहित राज्य की सरकार पर लगाया आरोप 

हरसिद्धि। राजस्थान के औद्योगिक शहर भिवाड़ी स्थित पटाखा फैक्ट्री हादसे में मारे गए हरसिद्धि प्रखंड के युवकों का शव रविवार को उनके पैतृक गांव मटियरिया पंचायत और मुरारपुर पंचायत पहुंचा। शव के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के बीच शोक संतप्त परिवारों से मिलने के लिए जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती अपने दल-बल के साथ पहुंचे और सरकार से 50–50 लाख रुपये मुआवजे व प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

शव पहुंचते ही गांव में चीख-चित्कार मच गई। इसी बीच परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे जन सुराज पार्टी के नेताओं ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। मनोज भारती ने कहा कि यह हादसा सरकारी लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार से पलायन रोकने में राज्य सरकार विफल रही है, जिसके कारण गरीब मजदूर रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से ही बिहार से पलायन रोकने की मांग करती रही है, लेकिन सरकार इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठा सकी।

उनका यह भी कहना था कि राजस्थान में भी भाजपा की सरकार है, बावजूद इसके वहां अवैध या असुरक्षित पटाखा फैक्ट्रियों पर रोक नहीं लगाई गई।  मनोज भारती ने परिजनों के हवाले से कहा कि ठेकेदार युवकों को कपड़ा फैक्ट्री में काम दिलाने का झांसा देकर ले गया था, लेकिन उन्हें पटाखा फैक्ट्री में काम पर लगा दिया गया। वहीं विस्फोट होने से उनकी दर्दनाक मौत हो गई। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ श्रमिकों के साथ धोखा है, बल्कि उनकी सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है।

 प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी सिर्फ संवेदना जताने नहीं आई है, बल्कि मृतकों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रत्येक मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को स्थायी नौकरी दी जाए।

इस मौके पर प्रदेश महासचिव सुभाष सिंह कुशवाहा, चंपारण परिक्षेत्र के मीडिया प्रभारी संजय कुमार ठाकुर, हरसिद्धि से जन सुराज प्रत्याशी अवधेश राम, मधुबन से प्रत्याशी विजय कुशवाहा, सुंदरम कुमार कुशवाहा, अभय शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। नेताओं ने शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बढ़ाया।

anand prakash

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