आर्म्स बरामदगी मामले में दो को तीन-तीन वर्षों का सश्रम कारावास 

आर्म्स बरामदगी मामले में दो को तीन-तीन वर्षों का सश्रम कारावास 
Facebook WhatsApp

मोतिहारी। षष्ठम अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्वेता सिंह ने नामजद दो अभियुक्तों को आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के उद्देश्य से अवैध रूप से आर्म्स मामले में दोषी पाते हुए प्रत्येक को तीन-तीन वर्षों का सश्रम कारावास एवं प्रत्येक को दस दस हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाए है।

अर्थ दंड नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा पिपरा थाना के भेरखियां निवासी स्व .स्वर्गधारी राय के पुत्र अदालत राय एवं स्व. पुनीत साह के पुत्र नंदलाल साह को हुई। 

मामले में  तत्कालीन थानाध्यक्ष प्रियरंजन ने पिपरा थाना कांड संख्या 76/2006 दर्ज कराते हुए दोनों को नामजद किया था। जिसमें कहा था कि 15 जुलाई 2006 की देर रात्रि गश्त के दौरान गुप्त सूचना मिली कि नामजद लोग आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए अवैध आर्म्स एवं कारतूस रखें हैं।

सूचना के आलोक में छापेमारी की गई तो दोनों के बिछावन के नीचे से दो लोडेड देशी कट्टा एवं जिंदा कारतूस व खोखा बरामद हुआ। वाद विचारण के दौरान अभियोजन पदाधिकारी संजीव कुमार वर्मा ने आधा दर्जन गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन साक्ष्य रखा। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद धारा 25(1-बी), 26,35 आर्म्स एक्ट में दोषी पाते हुए नामजद दोनों अभियुक्तों को उक्त सजा सुनाए।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page