चिकित्सक साख एवं सेवा भावना को दे सर्वोच्च प्राथमिकता:राधामोहन सिंह
मोतिहारी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, मोतिहारी के द्वारा आयोजित आईएमए बिहार के 81 वें कांफ्रेस का सांसद पूर्व केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने उद्घाटन किया।
शहर के एक रिसॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आधुनिक वैज्ञानिक चिकित्सा प्रणाली के डॉक्टरों का एकमात्र प्रतिनिधि स्वैच्छिक संगठन है, जो डॉक्टरों के हितों के साथ साथ व्यापक रूप से समुदाय के कल्याण की भी देखभाल करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विभिन्न संबोधनों में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और चिकित्सा जगत की सराहना करते हुए आधुनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं (जैसे आयुष्मान भारत), और योग/आयुर्वेद को बढ़ावा देने पर जोर देते है। उन्होंने डॉक्टरों से समग्र स्वास्थ्य नीति को लागू करने, चिकित्सा पेशे की साख बनाए रखने और सेवा भावना को सर्वोच्च रखने का आह्वान किया है।
श्री सिंह ने कहा कि समग्र स्वास्थ्य के तहत पीएम मोदी ने नई स्वास्थ्य नीति के तहत निवारक, संवर्धनात्मक और उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाओं के मेल पर जोर दिया है, जो केवल बीमारी के इलाज तक सीमित नहीं है। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है। गरीब मरीजों के लिए 5 लाख तक के मुफ्त इलाज के महत्व पर जोर देते हुए, चिकित्सा व्यय के बोझ को कम करने और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से सुलभ इलाज की बात कही।
पारंपरिक चिकित्सा को लेकर योग और आयुष उत्पादों की बढ़ती स्वीकार्यता का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने आयुष को आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के साथ एकीकृत करने की भी वकालत की।
उक्त अवसर पर कुलपति महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी, डॉ. आशुतोष शरण पूर्व अध्यक्ष आईएमए बिहार, डॉ. अनिल स. पंछनेकर डॉयरेक्टर, आईएमए अकनासी, डॉ. अशोक कुमार यादव अध्यक्ष, आईएमए बिहार, डॉ. संतोष कुमार सिंह सचिव, आईएमए बिहार, डॉ. टी.पी. सिंह अध्यक्ष, आईएमए मोतिहारी, डॉ. धनवन्त्री तिवारी, अध्यक्ष आईएमए दिल्ली, डॉ.डीडी.चौधरी पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आईएमए दिल्ली सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक उपस्थित थे।

