पूर्वी चंपारण की 12 विधानसभा के अभ्यर्थियों का द्वितीय व्यय लेखा-जांच व्यय प्रेक्षकों की उपस्थिति में सम्पन्न
-निर्वाचन खर्च की जांच में सख्ती, अनुपस्थित अभ्यर्थियों को नोटिस जारी
-चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करने को तीन केंद्रों पर हुआ द्वितीय लेखा परीक्षण
-आगामी 08 नवम्बर को होगा तृतीय लेखा-जांच
मोतिहारी। बिहार विधानसभा आम चुनाव-2025 के अंतर्गत पूर्वी चंपारण जिले की सभी 12 विधानसभा क्षेत्रों के अभ्यर्थियों के द्वितीय व्यय लेखा-जांच कार्य संपन्न कर लिया गया। निर्वाचन व्यय की निगरानी में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह जांच तीन अलग-अलग स्थलों पर की गई।विदित हो कि निर्वाचन आयोग द्वारा प्रत्येक अभ्यर्थी को चुनाव प्रचार में अधिकतम रु-40 लाख व्यय की सीमा निर्धारित की गई है। यह भी अनिवार्य है कि समस्त खर्च चुनाव हेतु खोले गए निर्वाचन बैंक खाते से ही किए जाएँ। व्यय प्रेक्षकों की उपस्तिथि तीन स्थलों पर हुई लेखा-जांच : विधानसभा क्षेत्र रक्सौल, नरकटिया, सुगौली, केसरिया, गोविन्दगंज एवं हरसिद्धि के अभ्यर्थियों की लेखा-जांच राधाकृष्ण हॉल, मोतिहारी में व्यय प्रेक्षक की देखरेख में की गई। तो वहीं कल्याणपुर, मधुबन एवं पिपरा विधानसभा क्षेत्रों की जांच अनुमंडल पदाधिकारी, चकिया के सभागार मेंव्यय प्रेक्षक की देखरेख में सम्पन्न हुई। इसी प्रकार मोतिहारी, चिरैया एवं ढ़ाका विधानसभा क्षेत्रों के अभ्यर्थियों की लेखा-जांच कृषि विज्ञान केंद्र, पिपराकोठी में भी व्यय प्रेक्षक की देखरेख में की गई । वहीँ अनुपस्थित अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया गया।चिरैया विधानसभा से एक तथा मोतिहारी विधानसभा से दो अभ्यर्थी जांच के दौरान अनुपस्थित पाए गए। ऐसे अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया गया है। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता, तो संबंधित अभ्यर्थियों की वाहन उपयोग की अनुमति रद्द किए जाने के साथ-साथ अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिले के सभी 12 विधानसभा क्षेत्रों के अभ्यर्थियों का तृतीय व्यय लेखा-जांच आगामी 08 नवम्बर 2025 को निर्धारित स्थलों पर की जाएगी। इसकी पूर्व सूचना अभ्यर्थियों को दे दी गई है। अभ्यर्थियों के निर्वाचन व्यय की सतत निगरानी के लिए AEO, FST, SST, VST, VVT, AT, कस्टम, नारकोटिक्स, स्टैटिक पुलिस, MCMC कोषांग सहित विभिन्न दलों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है। अभ्यर्थियों को को निर्देशित किया गया है कि वे अपने सभी खर्च जैसे रैली, सभा, जुलूस, रोड शो, वाहन व्यय, भोज इत्यादि को सही ढंग से निर्वाचन व्यय पंजी में अंकित करें। किसी भी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इस संबंध में जानकारी देते हुए नोडल पदाधिकारी सह राज्यकर संयुक्त आयुक्त संतोष कुमार ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी दलों के बीच निरंतर तालमेल एवं रिपोर्टिंग की प्रक्रिया चल रही है ताकि व्यय अनुश्रवण की पारदर्शिता और निष्पक्षता बरकरार रहे।

