मोतिहारी विधानसभा:पांच बार के विधायक रहे प्रमोद कुमार तिनतरफा चुनौती मे घिरे
-चार उम्मीदवारो के बीच का फासला तय करना एक बड़ी चुनौती
-भाजपा के परंपरागत वोट पर बड़ा हमला
मोतिहारी। इस विधानसभा का प्रतिनिधित्व प्रमोद कुमर विधायक के रूप में करते आ रहे है। इस बार भी उन्हे भरोसा है कि जनता उनको जिता देगी। लेकिन उनकी डगर आसान नहीं दिख रही है। अलबत्ता एनडीए के नाम पर जीत दर्ज कर रहे प्रमोद कुमार को भी इस बार एनडीए की मोह में जीने वालो ने वोट कर दिया, तो शायद वे छठ्ठी बार का रिकार्ड बना देंगे। अलग बात है कि इस बार का चुनाव गत चुनावी समीकरण से काफी अलग है। इस बार वैश्यो के बड़े चेहेरे के रूप में देवा गुप्ता राजद से है, तो प्रसिद्ध डाॅक्टर अतुल कुमार जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार है। इसके अलावें छात्र नेता एवं जदयू के युवा प्रदेश के बड़े नेता दिव्यांशु भारद्वाज भी मैदान में है। उनका साफ कहना है कि वे निर्दलीय नही, जनता के उम्मीदवार है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आखिरकार कौन बाजी मारता है। लेकिन आज की तारीख में बात की जाये तो भाजपा के प्रमोद कुमार इस बार बुरी तरह से फंसे नजर आ रहे है।
अलबत्ता चुनाव की गणित तो प्रत्येक 24 घंटे में बदलती है। जनसुराज के डाॅ. अतुल कुमार के साथ भी लोग है, इंकारा नहीं जा सकता है, उनकी जाति की वोट भी यहां कम नहीं है, लेकिन दिलचस्प होगा कि वे वोट उनको करेंगे, या फिर भाजपा को कर देंगे। इस बार चित्रांश परिवार एकजुट दिख तो रहा है, लेकिन परिणाम स्पष्ट कर देगा कि वे कहा थे या है। जाहिर सी बात है कि डाॅ. अतुल एक प्रसिद्ध चिकित्सक है, जिनकी पकड़ हर जाति, धर्म के साथ है। रही बात निर्दलीय प्रत्याशी द्विव्यांशु की तो वे पहचान के मोहताज नही है। पटना विवि जैसे जगह से चम्पारण का झंड़ा गा़ड. चुके है। फिलहाल वे मैदान में है, उनकी कई सभाएं गवाह है कि बिना पैसा दिए, उन्होने जो भीड़ इक्कठा कर दिखाई है, वैसी भीड़ पार्टी स्तर पर करने वालो को करोड़ो की राशि लूटाने पड़ती है। जिउतिया जैसे हिन्दुओ के पर्व पर जो भीड़ राजाबाजार जैसे प्रशाल हाॅल में देखा गया, वहां वैसी महिलाएं आई थी, जिसकी परिकल्पना करना सूर्य को दीपक जलाने के समान माना जायेगा। अलबत्ता कहने को तो मोतिहारी में आमने सामने की टक्कर आसानी से आज केे यूटूबर कर सकते है, लेकिन मोतिहारी विधानसभा में चतष्कोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। अब देखना दिलस्प होगा कि आखिरकार लोग किस प्रत्याशी को सर आंखो पर बैठाते है।
प्रभात रंजन मुन्ना की रिपोर्ट

