विराट रामायण मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर जलाभिषेक को उमड़ी भीड़
-2029 में सहस्त्र लिंगम की स्थापना की पूरी संभावनाः सायन कुणाल
कल्याणपुर। केसरिया-चकिया मार्ग स्थित कैथवलिया के निकट निर्माणाधीन विश्व के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर परिसर में सावन की दूसरी सोमवारी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिसर में पहुंचने लगे।
श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थापित छोटे शिवलिंग पर जलाभिषेक कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। इस अवसर पर विराट रामायण मंदिर न्यास बोर्ड के सचिव एवं विराट रामायण मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष सायन कुणाल तथा उनकी माता अनीता कुणाल ने छोटे शिवलिंग का रुद्राभिषेक किया। पंडित अक्षय पाठक एवं सर्वेश मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कराई। रुद्राभिषेक के दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा।
सायन कुणाल ने बताया कि विराट रामायण मंदिर का निर्माण दो चरणों में कराया जाएगा। पहले चरण में शिव दरबार का निर्माण कराया जा रहा है। वर्ष 2029 तक बड़े सहस्रलिंगम की प्राण-प्रतिष्ठा करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में भगवान नंदी की विशाल प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। इसके लिए काले ग्रेनाइट पत्थर की तलाश की जा रही है। उपयुक्त पत्थर मिलने के बाद उससे नंदी भगवान की भव्य प्रतिमा तैयार कराई जाएगी।
निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर परिसर में सावन के दौरान लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंच रही है। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर मंदिर की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई है।

