मोतिहारी: एल.एन.डी. कॉलेज में “जीवन विज्ञान में करियर के अवसर” विषयक मासिक व्याख्यान हुआ सम्पन्न
मोतिहारी। लक्ष्मी नारायण दुबे महाविद्यालय, मोतिहारी के प्राणि विज्ञान विभाग, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में तथा एनवायरनमेंट एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी, खजुराहो, मध्य प्रदेश के सहयोग से आयोजित मासिक व्याख्यान श्रृंखला आज सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया।
इस माह का विषय “जीवन विज्ञान के क्षेत्र में करियर के अवसर: आणविक जीव विज्ञान के मूल तत्व – न्यूक्लियोटाइड से डीएनए तक” था। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. शशिकांत राय उपस्थित रहे।
डॉ. राय ने अपने व्याख्यान में छात्रों को समझाया कि जीवन विज्ञान आज अनुसंधान, शिक्षा, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा और उद्योग के क्षेत्र में सबसे तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है। उन्होंने न्यूक्लियोटाइड की संरचना से लेकर डीएनए के कार्य तक की जटिल यात्रा को अत्यंत सरल और रोचक तरीके से समझाया।
डॉ. राय ने कहा, “आणविक जीव विज्ञान को समझना केवल किताबी ज्ञान नहीं है, बल्कि यह जीवन को समझने की कुंजी है। आईआईटी बॉम्बे से लेकर केंद्रीय विश्वविद्यालय तक के मेरे अनुभव ने सिखाया है कि यदि बुनियाद मजबूत हो तो जीवन विज्ञान में करियर की असीम संभावनाएं हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. मृगेन्द्र कुमार ने की। अपने स्वागत संबोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रकार की व्याख्यान श्रृंखला का उद्देश्य पाठ्यक्रम और करियर के बीच की खाई को पाटना है।
कार्यक्रम का संचालन प्राणि विज्ञान विभाग के नीरज कुमार ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य के द्वारा मुख्य अतिथि को पौधा और शॉल देकर सम्मानित किया गया। व्याख्यान के बाद छात्र-छात्राओं के लिए प्रश्नोत्तरी सत्र रखा गया, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
अंत में भुगोल विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश रंजन और मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मनीषा कुमारी द्वारा आमंत्रित वक्ता डॉ. शशिकांत राय को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान किया गया। धन्यवाद ज्ञापन मनोविज्ञान विभाग सहायक प्राध्यापक डॉ. दीपक कुमार भगत ने किया।
इस अवसर पर इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. सुबोध कुमार, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष एवं आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक डॉ. दुर्बादल भट्टाचार्य, भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश रंजन, वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष, प्रो. अरविंद कुमार, हिन्दी के प्राध्यापक डॉ. प्रभाकर कुमार, मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मनीषा कुमारी, डॉ. कविता कुमारी, डॉ. अनीता कुमारी, डॉ. दीपक कुमार भगत, डॉ. कस्तूरी, शिवम सौन्दर्यम, डॉ. मुकेश कुमार, प्रधान सहायक श्री राजीव कुमार एवं 100 से अधिक संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

