मोतिहारी सेन्ट्रल जेल के बंदियों को विधिक सहायता संबंधी अधिकारों की दी गई जानकारी

मोतिहारी सेन्ट्रल जेल के बंदियों को विधिक सहायता संबंधी अधिकारों की दी गई जानकारी
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मोतिहारी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी द्वारा लॉ फाउंडेशन के सहयोग से मोतिहारी केंद्रीय कारा के ई-मुलाकाती हेल्पडेस्क परिसर में “बंदियों को विधिक सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई।

विधिक सहायता सेवा तक पहुंच,  मानक संचालन प्रक्रिया  एवं प्रिजन लीगल एड क्लिनिक, 2022 के प्रभावी संचालन” विषय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम में बंदियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उमेंद्र वर्मा, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल ने की। इस अवसर पर आर्य देव, सहायक लीगल एड डिफेंस काउंसिल, सुभेंदु एवं दीपशिखा (लॉ फाउंडेशन), कारा प्रशासन के पदाधिकारी तथा पीएलवी मनोरंजन शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में उमेंद्र वर्मा ने कहा कि प्रत्येक बंदी को संविधान एवं विधि द्वारा प्रदत्त निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। प्रिजन लीगल एड क्लिनिक बंदियों और न्याय व्यवस्था के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करता है तथा यह सुनिश्चित करता है कि आर्थिक अथवा अन्य कारणों से कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव  नितिन त्रिपाठी ने अपने संदेश में कहा कि

“राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बंदी तक समयबद्ध एवं प्रभावी विधिक सहायता पहुंचे। प्रिजन लीगल एड क्लिनिक केवल कानूनी परामर्श का केंद्र नहीं, बल्कि न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण निरंतर यह प्रयास कर रहा है कि प्रत्येक पात्र बंदी को विधिक सहायता, विधिक परामर्श एवं आवश्यक कानूनी सेवाएँ सहज रूप से उपलब्ध हों।” उपस्थित प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि कारागार में निरंतर विधिक जागरूकता गतिविधियों का आयोजन कर बंदियों को उनके अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक बनाया जाता रहेगा।

anand prakash

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