सोशल मीडिया से शुरू हुई प्रेम कहानी, रक्सौल बॉर्डर पर खत्म, म्यांमार की युवती और भारतीय युवक गिरफ्तार

सोशल मीडिया से शुरू हुई प्रेम कहानी, रक्सौल बॉर्डर पर खत्म, म्यांमार की युवती और भारतीय युवक गिरफ्तार
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रक्सौल। भारत-नेपाल सीमा के रक्सौल बॉर्डर पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) हरैया पुलिस और इमिग्रेशन अधिकारियों ने एक ऐसे प्रेमी जोड़े को गिरफ्तार किया है, जिसकी कहानी सोशल मीडिया पर शुरू होकर अंतरराष्ट्रीय सीमा तक पहुंच गई। म्यांमार की एक युवती अपने भारतीय प्रेमी के साथ नेपाल के रास्ते थाईलैंड जाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन सीमा पार करने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें पकड़ लिया।

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद ने रविवार को हरैया थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 13 जून की शाम करीब साढ़े छह बजे रक्सौल के मैत्री पुल पर नियमित जांच के दौरान एसएसबी के जवानों ने नेपाल की ओर जा रहे एक युवक और एक विदेशी महिला को रोका। पूछताछ में युवक की पहचान सीतामढ़ी जिले के मेजरगंज थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर निवासी मो. सद्दाम मंसूरी (27) तथा महिला की पहचान म्यांमार के यांगून निवासी बूमा देवी (23) के रूप में हुई।

प्रारंभिक पूछताछ के दौरान युवक ने महिला को अपनी पत्नी अंजूम खातून बताते हुए खुद को सद्दाम मंसूरी बताया। हालांकि जवानों को उनके जवाबों पर संदेह हुआ। जब महिला के मोबाइल फोन की जांच की गई तो उसमें म्यांमार का पासपोर्ट मिला, जिससे पूरे मामले का खुलासा होने लगा।

युवक ने जांच टीम को बताया कि वह नेपाल के वीरगंज में अपने भांजे की शादी में शामिल होने जा रहा है, लेकिन विस्तृत पूछताछ में उसकी कहानी झूठी निकली। जांच में सामने आया कि दोनों की पहचान वर्ष 2018 में सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। जनवरी 2026 में विवाह प्रस्ताव स्वीकार करने के बाद म्यांमार की युवती भारत आई थी। 17 जनवरी 2026 को मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने के बाद युवक उसे सूरत ले गया, जहां वह कपड़े के कारोबार से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार, सूरत में लगभग 10 दिन रहने के बाद युवक युवती को अपने गांव सीतामढ़ी ले गया। वहां उसने कथित तौर पर युवती का नाम बदलकर अंजूम खातून के नाम से आधार कार्ड भी बनवा दिया।

जांच एजेंसियों को यह भी पता चला कि दोनों कई बार भारत और नेपाल के बीच आवाजाही कर चुके थे। शनिवार की शाम दोनों नेपाल के रास्ते थाईलैंड जाने की कोशिश कर रहे थे। जब उनसे यात्रा का उद्देश्य और वैध दस्तावेज मांगे गए तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद उन्हें इमिग्रेशन कार्यालय ले जाकर गहन पूछताछ की गई, जहां पूरी साजिश का खुलासा हुआ।

हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि विदेशी युवती के दस्तावेजों में कथित हेर-फेर और आधार कार्ड बनवाने में किन-किन लोगों की भूमिका रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को अंतरराष्ट्रीय यात्रा नियमों और पहचान संबंधी दस्तावेजों के दुरुपयोग के दृष्टिकोण से भी गंभीरता से जांच रही हैं।

anand prakash

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