भारतीय प्रतिभा और यूरोपीय पूंजी के बीच ‘भारत इनोवेट्स’ सेतु का कार्य करेगा : प्रधानमंत्री

भारतीय प्रतिभा और यूरोपीय पूंजी के बीच ‘भारत इनोवेट्स’ सेतु का कार्य करेगा : प्रधानमंत्री
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नई दिल्ली। फ्रांस के नीस शहर में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी को साझा दृष्टि, नवाचार और प्रेरणा पर आधारित बताया उन्होंने कहा कि यह मंच भारत की प्रतिभा और यूरोपीय पूंजी के बीच सेतु का कार्य करेगा तथा भारतीय नवाचारों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री ने प्रमुख निवेशकों और वेंचर कैपिटल प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के देश व्यापार और रणनीतिक साझेदारियां करते हैं लेकिन कुछ संबंध केवल साझा हितों तक सीमित नहीं होते। उन्होंने भारत और फ्रांस के संबंधों को ऐसे ही रिश्ते का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह साझा दृष्टि और आपसी विश्वास पर आधारित है। इस संबंध में जुड़ाव, दृढ़ विश्वास, नवाचार, प्रेरणा, साझा मूल्य और साझा दृष्टिकोण सभी शामिल हैं।

इसी आधार पर दोनों देशों ने हाल के वर्षों में कई नई पहलों की शुरुआत की है।उन्होंने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मंच भारत की प्रतिभा और यूरोपीय पूंजी के बीच पुल का काम कर रहा है। इसके माध्यम से भारतीय युवाओं को यूरोपीय विशेषज्ञता से जुड़ने और अपने विचारों को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का भारत बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और देश में स्टार्टअप क्रांति देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि भारत का युवा नया दृष्टिकोण लेकर मानवता की समस्याओं के समाधान खोज रहा है। ‘भारत इनोवेट्स’ ऐसे ही विश्वस्तरीय समाधानों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का माध्यम है।

उन्होंने कहा कि आज भारत केवल समाधान का उपभोक्ता नहीं है बल्कि समाधान प्रदान करने वाले देश के रूप में उभर रहा है। देश प्रौद्योगिकी प्रदाता की भूमिका में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उपस्थित युवा उद्यमियों की सराहना करते हुए कहा कि उनमें आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरे नए भारत की झलक दिखाई देती है।

कुछ उद्यमी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से ग्रामीण भारत के जीवन में बदलाव ला रहे हैं, जबकि कुछ उपग्रह तकनीक का उपयोग किसानों की सहायता के लिए कर रहे हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य मानवता की सेवा करने वाली तकनीक विकसित करना है। उन्होंने बताया कि भारत की डिजिटल क्रांति और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना इसी सोच पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता संबंधी दृष्टि ‘एआई फॉर ऑल’ के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति के कल्याण और सुख को बढ़ावा देना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ की शुरुआत भी फ्रांस के साथ की जा रही है तथा इसके लिए उन्होंने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का आभार व्यक्त किया।

anand prakash

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