डीएम ने कोषागार कार्यालय का निरीक्षण किया
– अधिकारियो एवं कर्मचारियों को दायित्व निर्वहन की नसीहत
मोतिहारी। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने जिला कोषागार कार्यालय एवं जिला भविष्य निधि कार्यालय, का समेकित निरीक्षण किया। उन्होने वेतन भुगतान, पेंशन संवितरण, भविष्य निधि निकासी एवं अन्य सरकारी देयताओं का समय पर एवं पारदर्शी तरीके से निष्पादन करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान वरीय कोषागार पदाधिकारी विजय कुमार सिंह, सहायक कोषागार पदाधिकारी धनंजय कुमार एवं सहायक जिला लेखा पदाधिकारी श्याम कुमार उपस्थित थे। उन्होने कार्यालय में सम्पादित किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोषागार कार्यालय एक अत्यंत संवेदनशील एवं जनमहत्व का कार्यालय है, जहां सरकारी कर्मचारियों के वेतन, सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं अंतर्गत देय धनराशि का संवितरण होता है। फलस्वरूप यहां किसी भी स्तर पर विलंब अथवा लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। प्रत्येक कर्मी को पूर्ण निष्ठा एवं उत्तरदायित्व के साथ दायित्वों का निर्वहन करना होगा।
उन्होने पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति का अवलोकन किया, जो संतोषजनक स्थिति पाई गई। समस्त कर्मी ससमय उपस्थित थे। इसी क्रम में कार्यालय में लंबित विपत्रों की स्थिति का विशेष रूप से जायजा लिया। समाहर्ता ने निर्देश दिया कि लंबित विपत्रों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर करे, क्योंकि इनमें विलंब से सीधे तौर पर सरकारी कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। पेंशनभोगियों एवं सेवानिवृत्त कर्मियों के प्रकरणों को विशेष संवेदनशीलता के साथ निपटाने पर बल दिया गया।
तत्पश्चात कार्यालय परिसर की स्वच्छता एवं समग्र व्यवस्था का निरीक्षण के अलावे बज्र गृह का भी विधिवत निरीक्षण किया। बज्र गृह एवं कोषागार कार्यालय में संधारित संचिकाओं एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों का सूक्ष्मता से अवलोकन किया तथा उनके उचित रख-रखाव एवं सुरक्षित संधारण को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि जिला प्रशासन, इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि जनपद के प्रत्येक सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी एवं हितग्राही को उनकी देय धनराशि समय पर एवं बिना किसी बाधा के प्राप्त हो।

