उर्दू मीठी भाषा,आम सभ्यता की परंपरा बचाने में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण: डीएम
-उर्दू भाषी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना अंतर्गत जिला स्तरीय वाद विवाद प्रतियोगिता
मोतिहारी। जिला उर्दू भाषा कोषांग, द्वारा “उर्दू भाषी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजनांतर्गत जिला स्तरीय वाद विवाद प्रतियोगिता” समाहरणालय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद भवन में बड़े ही धूमधाम से किया गया, जिसमें जिले भर से छात्र, शिक्षक, पत्रकार, उर्दू अनुवादक और उर्दू प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी सरफराज नवाज ने द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया।
अपने अध्यक्षीय भाषण में जिलाधिकारी ने कहा कि उर्दू बहुत ही मीठी भाषा है। यह एक ऐसी भाषा है जो आम सभ्यता की परंपरा को बचाए रखती है। इसके प्रचार और अस्तित्व के लिए, उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार उर्दू के प्रचार और प्रसार के लिए विभिन्न परियोजनाओं के साथ कड़ी मेहनत कर रही है। उन्हीं परियोजनाओं में आज का कार्यक्रम है। सभी को इसका आनंद लेना चाहिए और इसे सफल बनाना चाहिए। आप सभी को उर्दू के प्रचार-प्रसार में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
इस तरह की प्रतियोगिता से बच्चों में रचनात्मक स्किल पैदा होती है और आत्म विश्वास बढ़ता है। प्रभारी पदाधिकारी ज़िला उर्दू भाषा कोषांग सरफराज नवाज ने अपने इफ्तेताही कलेमात में कहा कि ये प्रतियोगिता का उद्देश्य उर्दू भाषी विद्यार्थियों में उर्दू के प्रति रूचि और अपनी सोंच को शब्दों में डाले, ताकि रचनात्मक शैली पैदा हो।
इस प्रतियोगिता में मैट्रिक के लिए अलग-अलग टॉपिक दिए गए थे, जिनमें शिक्षा का महत्व, उर्दू शायरी और साहित्य बिहार की पहचान और विरासत।जबकि इंटर कैटेगरी के स्टूडेंट्स के लिए उर्दू मीडिया और भाषा में बदलाव, साहित्य और शायरी का आईना, उर्दू भाषा की शुरुआत और विकास को शामिल किया गया था।वही ग्रेजुएशन कैटेगरी के लिए,उर्दू और हिंदी का भाषा का रास्ता, उर्दू साहित्य में महिलाओं की भूमिका, बिहार में उर्दू पत्रकारिता की परंपरा और मौजूदा हालात टाइटल दिए गए।
मैट्रिक में कुल 32 छात्र एवं छात्राओं ने हिस्सा लिया। वहीं इंटर समक्ष में कुल 18 और ग्रेजुएशन समक्ष में 16 छात्र एवं छात्राओं ने भाग लिया। सभी स्टूडेंट्स ने अपनी बेहतरीन परफॉर्मेंस दी और बेहतरीन तरीके से स्पीच दी। प्रोग्राम के आखिर में, पहला, दूसरा और तीसरा स्थान पाने वाले स्टूडेंट्स के नाम अनाउंस किए गए।
मैट्रिक कैटेगरी में पहला स्थान शादाब आलम इब्न मिन्हाज आलमइंटर में प्रथम दरख्शां परवीन बिन्त सईदुर रहमान, सेकेंड रोशन आरा अदीबा नाज अंजुम आरा, थर्ड स्थान रईसिया फिरदौस, निकहत परवीन, अर्शिफा परवीन, कैफ आलम को दिया गया। ग्रेजुएशन लेवल कॉम्पिटिशन में प्रथम तूबी नाज, सेकेंड आफताब आलम, मुहम्मद काशिफ, अरशद जमाल, तीसरा स्थान रुनाक जहां, शाहनवाज, इबादुर रहमान, तैयब तरन्नम को दिया गया।
उक्त अवसर पर अस फैसल, डॉ. तफजील अहमद तफजील साहिब, असिस्टेंट प्रो. वसीम रजा रामेश्वर सिंह कॉलेज मुजफ्फरपुर, असिस्टेंट प्रो. मशहूर आलम एम.एस. कॉलेज मोतिहारी, उर्दू टीचर फिरोज आलम, सीनियर जर्नलिस्ट इंकलाब अखबार अबू सलमान ने अपनी ड्यूटी निभाई और अपने विचार भी रखे।प्रोग्राम का संचालन गुलाम रब्बानी उर्दू अनुवादक ज़िला उर्दू भाषा कोषांग ने किया। प्रभारी पदाधिकारी ज़िला उर्दू भाषा कोषांग सरफराज नवाज़ ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

