नीलगायों के आतंक से किसान बेहाल-फसलो की हो रही बर्बादी,किसानो ने दी आंदोलन की चेतावनी
सुगौली। प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों नीलगायों का आतंक किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। झुंड के रूप में खेतों में पहुंच रही नीलगायें मक्का, ईख और सब्जियों की फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रही हैं। मेहनत और लागत से तैयार की गई फसलें रातों-रात बर्बाद हो जाने से किसानों में भारी आक्रोश है।
स्थिति यह हो गई है कि किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए पूरी रात खेतों में जागकर रखवाली करने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि नीलगायों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे खेती करना मुश्किल होते जा रहा है। उतरीं सुगांव,दक्षिण सुगांव,उतरीं छपरा बहास, दक्षिणी छपरा बहास,भटहां,कोबेया, भटवलिया,बेलैईठ आदि जगहों के कई किसानों ने बताया कि फसल बर्बाद होने से आर्थिक संकट गहरा गया है।
किसान भोला साह ने प्रशासन से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया गया तो किसानों की स्थिति और खराब हो जाएगी। वहीं सीपीएम जिला किसान काउंसिल अध्यक्ष धनंजयपुरी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर नीलगायों के आतंक से किसानों को राहत नहीं मिली तो किसान आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी शिवम कुमार ने बताया कि दुकानों में एक विशेष दवा उपलब्ध है, जिसमें स्माइल नामक तत्व होता है। इसे खेत के चारों कोनों पर रखने से एक-दो सप्ताह के भीतर नीलगायों का आतंक कम हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के संज्ञान में मामला पहुंचते ही किसानों की समस्या के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जायेंगे।

