दिल्ली में बिहारी पहचान का सांस्कृतिक अनुष्ठान है बिहार महोत्सव
– कोर कमिटी की बैठक के साथ महोत्सव की तैयारी शुरू
मोतिहारी। दिल्ली में बिहार की गौरव-गरिमा को प्रतिष्ठित करने में संलग्न बिहार महोत्सव के 2026 में होने वाले आयोजन के सिलसिले में इसकी कोर कमिटी की बैठक शनिवार को राष्ट्रपति भवन परिसर में हुई। इस बैठक में बिहार महोत्सव के प्रणेता एवं प्रदर्श कला के लिए बिहार सरकार से राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त वरिष्ठ रंगकर्मी प्रसाद रत्नेश्वर ने महोत्सव के उद्देश्य एवं इसकी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
बताया कि 2003 से होने वाला यह महोत्सव बिना सरकारी अनुदान के सैकडों बिहारी कलाकारों को दिल्ली में एक राष्ट्रीय मंच दे चुका है। दिल्ली में बिहारी पहचान का यह एक अप्रतिम अनुष्ठान है। संस्थाध्यक्ष मोहन कुमार गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में बिहार एवं बिहारियों के लिए कार्यरत सभी संस्थाओं की एक समन्वय समिति के रूप में बिहार महोत्सव समिति काम कर रही है। इसका अगला आयोजन पिछले आयोजन से भी बड़ा होगा।
कोषाध्यक्ष राकेश वर्मा ने अपनी तैयारी से अवगत कराते हुए बताया कि इस बार लोक नृत्य गीत संगीत में दक्ष बिहार के दर्जन भर सांस्कृतिक दलों को न्योता भेजा जायेगा। इनके अलावें बिहार में जन्मी राष्ट्रीय विभूतियां को सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में ई. राकेश कुमार, सुप्रीम कोर्ट – दिल्ली हाई कोर्ट एवं स्थानीय जिला न्यायालयों में कार्यरत अधिवक्तागण मो. शहाबुद्दीन मुस्तफा, आर्यन कुमार एवं सुमित कुमार पांडेय, दिल्ली में भोजपुरी जन जागरण मंच अभियान के उपाध्यक्ष एवं शिक्षासेवी अविनाश पासवान,महोत्सव समिति के वरिष्ठ सचिव दीपक मिश्रा ने भी विचारों से अवगत कराया।

