भारत-अमेरिका समझौते को कांग्रेस ने देशहित को कमजोर करने वाला बताया
नई दिल्ली। कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को देश के लिए नुकसानदेह बताते हुए कहा है कि यह भारत को अमेरिका का ‘डंपिंग ग्राउंड’ बना देगा और किसानों व अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर डालेगा।
पार्टी के मीडिया विभाग प्रमुख पवन खेड़ा ने आज यहां पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापार अधिशेष (ट्रेड सरप्लस) वाला साझेदार रहा है। दशकों तक भारत ने अमेरिका को भारी मात्रा में निर्यात कर अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। लेकिन ट्रंप प्रशासन की इस डील से भारत को अगले पांच साल में 500 बिलियन डॉलर का आयात करना होगा यानी आयात तीन गुना बढ़ाना पड़ेगा। इससे भारत की आत्मनिर्भरता को नुकसान पहुंचेगा। भारत आखिर अमेरिका से क्या खरीदेगा, इसका जवाब सरकार के पास नहीं है।
उन्होंने कहा कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बताया कि भारत अमेरिका से क्या नहीं लेगा लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या-क्या आयात होगा। इस डील से किसानों की कमर टूटेगी और अमेरिकी किसानों को भारत का बड़ा बाजार मिल जाएगा।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इस समझौते में भारत को रियायत नहीं बल्कि नुकसान मिला है। पहले 3 प्रतिशत टैरिफ को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया गया और अब घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसे सरकार उपलब्धि बता रही है।
खेड़ा ने आरोप लगाया कि अमेरिका के बयान में कहा गया है कि अब भारत पर नजर रखेगा और रूस से तेल खरीदने पर फिर से टैरिफ लगाया जा सकता है। इस समझौते से देश के हितों से समझौता किया गया है।

