श्रीमद्भागवत कथा में गोवर्धन लीला को देख श्रद्धालु हुए भावविभोर
-उत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब
सुगौली। पंजिअरवा पंचायत में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं व्रज उत्सव के पांचवें दिन श्रद्धा,भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास लाडले हर्षवर्धन जी महाराज ने गोवर्धन पूजा लीला का संजीव और भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कथावाचक ने कहा कि ब्रजवासी परंपरागत रूप से इंद्रदेव की पूजा की तैयारी कर रहे थे, तभी भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें गोवर्धन पर्वत की पूजा करने की प्रेरणा दी। इससे क्रोधित होकर इंद्रदेव ने मूसलाधार वर्षा कर दी, जिससे ब्रज में हाहाकार मच गया। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठ उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर मथुरा, गोकुल और वृंदावन के लोगों एवं पशुओं की रक्षा की। अंततः इंद्रदेव ने अपने अहंकार के लिए क्षमा मांगी और वर्षा रुक गई। तभी से गोवर्धन पूजा की परंपरा प्रारंभ हुई।
इस अवसर पर बिहार मछुआरा आयोग के अध्यक्ष ललन चौधरी ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान समाज में संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संचार करता हैं। कार्यक्रम में व्यवस्थापक शुभम महाराज, संतलाल साह, अनिल भगत, विष्णु यादव, रामशरण यादव, बिरजभूषण मिश्रा, रमण झा, पम्मी भगत सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

