जामिया अरबिया मिल मस्जिद में रूहानी जलसा,15 हाफ़िज़-ए-कुरआन की दस्तारबंदी
सुगौली। प्रखंड के चीनी मिल रोड स्थित जामिया अरबिया मिल मस्जिद में रविवार को एक अज़ीम-उश्शान और रूहानी जलसे का इनइक़ाद किया गया। इस मुक़द्दस महफ़िल की सदारत मदरसे के हेड मौलवी मुफ्ती मोजीबुर्रहमान क़ासमी ने की,जबकि डॉ. अनवारुल हक़ ख़ास तौर पर मौजूद रहे।
जलसे में क़ुरआन-ए-पाक की तालीम हासिल कर हाफ़िज़ बने 15 बच्चों की दस्तारबंदी की गई, जिससे पूरा माहौल ईमान और रूहानियत से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम के दौरान मदरसे में तालीम हासिल कर रहे बच्चों के दरमियान तक़रीरी मुकाबला भी हुआ, जिसमें बच्चों ने दीन,अख़लाक़ और समाजी ज़िम्मेदारियों पर उम्दा तक़रीरें पेश कर हाज़िरीन को मुतअस्सिर किया।
इस मौके पर ख़ास मेहमानों में शिवहर इमारत-ए-शरिया के क़ाज़ी मुफ्ती फ़ख़रुद्दीन,मौलाना मोहम्मद मूसा क़ासमी (मधुबनी) और मौलाना इम्तियाज़ रहमानी (सुपौल) ने अपने असरदार बयानात पेश किए। उलेमा ने हाफ़िज़ बच्चों की जमकर तारीफ़ की और कहा कि हाफ़िज़-ए-क़ुरआन बनना बहुत बड़ी नेअमत है, क्योंकि हदीस के मुताबिक़ हाफ़िज़ अपने साथ दस लोगों की शफ़ाअत जन्नत में करा सकता है।
दस्तारबंदी हासिल करने वालों में हाफ़िज़ दानिश,हाफ़िज़ अबरार, हाफ़िज़ कलीमुल्लाह,हाफ़िज़ अफ़ज़ल,हाफ़िज़ ख़ालिद,हाफ़िज़ शाकिर,हाफ़िज़ नूरुल्लाह समेत अन्य शामिल हैं। उस्तादों में ख़ास तौर पर क़ारी रेहान साहेब, मुफ्ती निज़ाम साहेब,मौलाना मुनाज़िर साहेब,मौलाना अब्बू सुभान, क़ारी शमशाद,क़ारी अफ़ज़ल और क़ारी सोहेल साहेब की ख़िदमात क़ाबिले-तारीफ़ रहीं। 15 हाफ़िज़ों की दस्तारबंदी फैसल यूसुफ़ ने बारी-बारी से की।
कार्यक्रम के आखिर में मुल्क, क़ौम और उम्मत की सलामती के लिए ख़ुसूसी दुआ की गई। जलसे में एहसानुल हक़, वसी अख़्तर, मुख़्तारुल हक़,शम्सुल हक़,मोहम्मद शानी,मोहम्मद मैनुद्दीन समेत बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे।

