बेतिया राज की भूमि के विरुद्ध नये कानून का विरोध करेगा नागरिक मंच
-बालगंगा में आयोजित जन संवाद में किसानों ने आंदोलन की भरी हुंकार
-आंदोलन की रूपरेखा के लिए कमिटी का गठन
मोतिहारी। बेतिया राज की भूमि पर काबिज किसान कोर्ट कचहरी से सड़क पर उतर कर आंदोलन करने को लेकर तैयारी में जुट गए हैं। इस क्रम में
चंपारण नागरिक मंच के तत्वाधान में रघुनाथपुर बालगंगा में वार्ड पार्षद रमाशंकर ठाकुर उर्फ रेनू ठाकुर के आवास पर एक जन संवाद आयोजित किया गया।
जिसका संचालन मंच के उपाध्यक्ष आलोक चंद्र अधिवक्ता ने किया। जन संवाद में बेतिया राज की जमीन के संबंध में बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाला अधिनियम 2024 पर किसानों ने अपनी चिंता जताई। वहीं निर्णय लिया गया कि चंपारण नागरिक मंच के अध्यक्ष विनोद कुमार दुबे के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन कर उक्त अधिनियम को निरस्त कराने के लिए सभी संवैधानिक तरीकों से सरकार से मांग करने का निर्णय लिया गया।
जन संवाद में उपस्थित सैकड़ो किसानों ने मंच से जुड़कर इस आंदोलन में सम्मिलित होने का संकल्प लिया। वहीं इसके लिए हर लड़ाई लड़ने की हुंकार भरा। मंच के उपाध्यक्ष अधिवक्ता प्रणव प्रियदर्शी ने मंच के अबतक किए गए जनहित के कार्यों को प्रस्तुत किया।
मंच के अध्यक्ष विनोद कुमार दुबे अधिवक्ता ने बताया कि उक्त कानून जन विरोधी कानून है, जिसमें पूर्व में किए गए सभी पट्टो को निरस्त कर दिया गया है। सरकार द्वारा बहाल प्रशासनिक अधिकारियों को बेतिया राज से संबंधित जमीन का निर्णय लेने का एकाधिकार दे दिया गया है। जाहिर है उक्त कानून का काला पक्ष न्यायपालिका के क्षेत्राधिकार को समाप्त करना मात्र है। कहा कि बेतिया राज की जमीन से संबंधित न्यायालय के डिग्री को भी निरस्त कर दिया गया है।
फलस्वरूप उपस्थित सभी ने सरकार इस काला कानून को वापस लेने की मांग की। वहीं चेतावनी दिया कि उक्त काला कानून के विरुद्ध लोकहित याचिका के साथ जन आंदोलन किया जाएगा। मंच सभी विधायकों को पत्र देकर इस कानून को खत्म करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने का अनुरोध करेगा।

सभा को संबोधित करने वाले में राजेश कुमार चौबे, विनोद तिवारी, मिथिलेश तिवारी, मंजय मिश्रा, अजय कुमार प्रसाद, सुरेंद्र सिंह, बलराम द्विवेदी, अरुण कुमार पांडे, कुणाल दुबे, प्रमोद सिंह, रत्नेश श्रीवास्तव, सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल थे। सभा में नागरिक मंच के कोषाध्यक्ष अमिता निधि, मनीष कुमार मिश्रा, रजनी ठाकुर, विजय उपाध्याय, स्वर्णिम प्रभात, रामदेव भगत, मनोज तिवारी अधिवक्ता, रंजन कुमार, वारिस खान,वर्षा कुमारी, बलराम सिंह, खोखा सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता एवं किसान उपस्थित थे।

