महीनो पूर्व से मां शारदे की प्रतिमाएं बना रहे मूर्तिकार
-नटराज शैली की प्रतिमाओं की मांग
सिकरहना। विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा को लेकर इलाके में उत्साह खूब दिखनी लगी है। मार्घ शीर्ष शुल्क पक्ष पंचमी रोज शुक्रवार 23 जनवरी को सरस्वती पूजा मनाई जाएगी, फलस्वरूप शहर से लेकर गांव तक पूजा समितियो, स्कूल और कॉलेज पूजा की तैयारी में जुट गए हैं। जबकि मूर्तिकार दिन-रात मेहनत कर मां शारदे की मनोहारी प्रतिमाएं गढ़ रहे हैं।

सरस्वती पूजा की तैयारी में जुटे मूर्तिकार डेढ़ से दो महीने पहले से अलौकिक मूर्ति बनाने में जुटे हुए है। मूर्तिकार मुकेश पड़ित, बादल पंडित सहित दर्जनों मूर्ति बनाने वालो ने बताया कि इस वे सौ से अधिक सरस्वती मात की प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। मूर्तिकार ठगा पड़ित ने बताया कि इस बार बाजार में नए डिजाइन की मांग है।
लिहाजा हंस, कमल, शंख, चक्र, रथ और वीणा जैसे अलग-अलग आसनों पर विराजमान मां सरस्वती की मूर्ति विराजमान रूप में तैयार किया जा रहा है। नटराज शैली की प्रतिमाओं की मांग है।
ऐसे में इन प्रतिमाओं पर विशेष पेंटिंग की जाती है, जिससे वे दूर से ही आकर्षक नजर आती हैं। उल्लेखनीय है कि 23 जनवरी को होने वाली सरस्वती पूजा की भव्यता के पीछे इन मूर्तिकारों की महीनों की साधना, मेहनत और समर्पण काफी महत्वपूर्ण माना जायेगा।
बनकटवा से रणधीर की रिपोर्ट

