नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी पर लगाये गये आरोप का एसडीएम ने की जांच
– चेयरमैन एवं कार्यपालक के बीच उत्पन्न विवाद में सियासत गरमाई
सुगौली। नगर पंचायत इन दिनों सुर्खियो में है। मसलन नगर पंचायत की चेयरमैन नसरीन अली द्वारा नगर कार्यपालक पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार पर ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित रहने और लंबे समय तक कार्यालय से गायब रहने जैसे गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद दोनो के बीच छिड़ी जंग का मामला तूल पकड़ते दिखने लगा है। चेयरमैन ने जिलाधिकारी को लिखित आवेदन देकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, फलस्वरूप जिला प्रशासन हरकत में आया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम निशांत सेहरा स्वयं सुगौली नगर पंचायत पहुंचे और पूरे प्रकरण की जांच की। एसडीएम ने नगर पंचायत कार्यालय का निरीक्षण किया और वहां की प्रशासनिक व्यवस्था, कार्यप्रणाली तथा अधिकारियों की उपस्थिति से जुड़ी जानकारी जुटाई।उन्होंने एक-एक कर सभी वार्ड पार्षदों से अलग-अलग बातचीत की। पूछताछ के दौरान पार्षदों से नगर पंचायत के विकास कार्यों, योजनाओं के क्रियान्वयन और अधिकारियों की भूमिका को लेकर विस्तार से जानकारी ली।
सूत्रों की माने तो वार्ड पार्षदों ने अपने-अपने अनुभव और शिकायतें जांच अधिकारी के समक्ष रखीं, जिससे नगर पंचायत की आंतरिक स्थिति और कार्यशैली को समझने में मदद मिली। हालांकि, जांच के बाद एसडीएम निशांत सेहरा ने किसी भी निष्कर्ष पर तत्काल टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
लिहाजा सबकी निगाहें जिला प्रशासन की अगले कदम पर टिकी है। जाहिर है कि यदि आरोप सही पाए गये तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की संभावना जताई जा सकती है। वही आरोप निराधार सिद्ध हुआ तो मामले को नया मोड़ मिल सकता है। फिलहाल सुगौली नगर पंचायत का यह विवाद प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बड़ा सवाल बनकर सामने दिखने लगा है।

