समय पर ओपीडी सेवा सुनिश्चित करें चिकित्सकः डीडीसी
– उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षात्मक
बैठक
मोतिहारी।जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में उप विकासक आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित डॉ राजेंद्र प्रसाद सभा भवन में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न हुई। जिसमें जिले मे उपलब्ध हो रहीं स्वास्थ्य सुविधाओं, भव्या कार्यक्रम, ओपीडी सेवा सुनिश्चित कराने के साथ एचएमआईएस पोर्टल पर डाटा समय से अपलोड कराए जाने को लेकर एवं स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध सभी सेवाओं का प्रखंडवार उपलब्धियों की समीक्षा की गईं। समीक्षोपरांत जिला स्तरीय कमिटी बनाकर स्वास्थ्य सूचकांकों के आकड़ों की जांच करने पर निर्देश दिया गया।
जबकि सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारीयों को निर्देश दिया गया की सभी डॉक्टर समय पर ओपीडी सेवा दें।वहीं डाटा को अपडेट करना सुनिश्चित करें, सभी मरीजों का शत-प्रतिशत वायटल जांच किया जाये तथा मरीजों का ऑनलाइन कंसलटेशन सुनिश्चित करें।
परिवार नियोजन कार्यक्रम से संबंधित आकड़ों का प्रस्तुतीकरण जिला प्रतिनिधि पीएसआई इंडिया के द्वारा किया गया, जिसमें परिवार नियोजन से संबंधित
महिला बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी, पीपी.आईयूसीडी एवं इन्जेक्शन अंतरा के प्राप्त उपलब्धियों पर को प्रस्तुत किया गया।

नतीजतन डीडीसी ने कम उपलब्धि वाले संस्थान के प्रभारी को निर्देश दिया की उपलब्धि में सुधार लायें एंव आशावार उपलब्धियों की समीक्षा करें। जिन कर्मी के द्वारा इसमें रुचि नहीं लिया जाता है, उनके विरुद्ध विभागीय कारवाई सुनिश्चित करें। इसके साथ ही सप्लाइ चैन सुदृढ़ रहे, इसके लिए परिवार नियोजन के सामग्रियों का वितरण एफपीएलएमआईएस पोर्टल के माध्यम से हीं हो साथ ही परिवार नियोजन कार्यक्रम को लेकर आशा व स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा समुदाय में जागरूकता फैलाएं।
एएनसी प्रथम चरण से लेकर चतुर्थ चरण तक की समीक्षा की गई और जहां इसमें गिरावट पाई गई वहां के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को स्थिति में सुधार लाने का निर्देश दिया गया। मोतिहारी, घोड़ासहन, पकड़ीदयाल, बनकटवा एवं रामगढ़वा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को इस संबंध में जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया। यहां पर इस कार्यक्रम में काफी गिरावट पाई गई। सुगौली,में, आदापुर और बंजरिया प्रखंड में इस कार्य में अच्छी उपलब्धि हासिल की गई थी।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों को लेकर उप विकास आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। इनमें अरेराज, घोड़ासहन, तेतरिया प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी शामिल है। उक्त सभी से
स्पष्टीकरण की मांग की गई। निर्देश दिया कि पूरी तैयारी के साथ पदाधिकारीगण मीटिंग में भाग लें।
संस्थागत प्रसव के मामले में मधुबन, चकिया, घोड़ासहन और तुरकौलिया में स्थिति बेहतर पाई गई। जबकि मोतिहारी, हरसिद्धि, कोटवा, बनकटवा एवं ढाका में लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि प्राप्त नहीं की गई थी। उप विकास आयुक्त के द्वारा इस संबंध में जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया।
उप विकास आयुक्त के द्वारा आज की समीक्षा बैठक में जिला में उपलब्ध कराए जा रहे स्वास्थ्य सेवाओं की सभी इंडिकेटर पर समीक्षा की गई एवं इसमें सुधार की आवश्यकता बताई गई। उन्होंने कहा कि किसी भी इंडिकेटर के मामले में जिला का औसत राज्य की औसत से कम नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई मरीज अगर अस्पताल में आता है तो उसके साथ अच्छा व्यवहार किया जाए एवं देय सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाए। उप विकास आयुक्त के द्वारा अस्पताल में आने वाले मरीज के एवरेज वेटिंग टाइम एवं एवरेज जर्नी टाइम की भी समीक्षा की गई और इस पर ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
बैठक में बताया गया कि बायोमेडिकल कचरा का उठाव सभी जगह किया जा रहा है। दीदी की रसोई भी संचालित हो रही है।बैठक में अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पदाधिकारी एवं कर्मियों से स्पष्टीकरण की मांग करने का उप विकास आयुक्त के द्वारा निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि लगातार निर्देश के बाद भी अगर सुधार नहीं दिख रहा है तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाए।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ शरद चन्द्र शर्मा के द्वारा सभी को बताया गया की महिला बंध्याकरण को जो निश्चित दिवस निर्धारित है उस दिन निश्चित रूप से बंध्याकरण हो साथ गुणवत्तापूर्ण एवं सम्मानजनक सेवा प्रदान किया जाए।
बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, एसीएमओ, डीएस, जिला सुचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, डीएएम, अनुश्रवण पदाधिकारी, डीसीएम, सभी प्रखंड के एमओआईसी,जिला प्रतिनिधि पीएसआई इंडिया, पिरामल, सी3, भव्या के जिला प्रतिनिधि व अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।

