एमजीसीयू के प्रोफेसर देवदत्त चतुर्वेदी अंतरराष्ट्रीय सम्मान से हुए सम्मानित

एमजीसीयू के प्रोफेसर देवदत्त चतुर्वेदी अंतरराष्ट्रीय सम्मान से हुए सम्मानित
Facebook WhatsApp

मोतिहारी। रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट, मौलिक तथा वैश्विक स्तर पर प्रशंसनीय योगदान के लिए महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षाविद एवं रसायन विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) देवदत्त चतुर्वेदी को एएससीबी अवार्ड -2025 ( ISCB Awards of Appreciation for Academic Scientist – 2025) से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान 31वें एएससीबी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (ISCBC 2025–2026) के उद्घाटन सत्र के दौरान 19 से 21 दिसंबर 2025 के बीच केआईआईटी (KIIT), भुवनेश्वर (ओडिशा) में प्रदान किया गया।

एएससीबी अर्थात इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ केमिकल बायोलॉजी (ISCB) द्वारा जारी आधिकारिक आमंत्रण पत्र में प्रो. चतुर्वेदी के रसायन विज्ञान में उल्लेखनीय अनुसंधान, उच्चकोटि के शिक्षण कार्य तथा प्रभावशाली अकादमिक नेतृत्व की विशेष रूप से सराहना की गई है। यह सम्मान उनके नवोन्मेषी वैज्ञानिक अनुसंधान, निरंतर शैक्षणिक योगदान एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित प्रभाव की सशक्त स्वीकृति है।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी प्रो. (डॉ.) देवदत्त चतुर्वेदी को भारतीय रसायनज्ञ परिषद द्वारा प्रो. डब्ल्यू. यू. मलिक मेमोरियल पुरस्कार से अलंकृत किया जा चुका है। वर्तमान में वे महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान संकाय के विभागाध्यक्ष होने के साथ-साथ संस्था परिषद के अध्यक्ष के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं तथा वे तीसरी बार रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
प्रो. चतुर्वेदी ने सीएसआईआर औषधि अनुसंधान संस्थान, लखनऊ से औषधीय रसायन विज्ञान में पीएचडी उपाधि प्राप्त की। इसके पश्चात उन्होंने जॉर्जिया विश्वविद्यालय, अमेरिका तथा गोएटिंगेन विश्वविद्यालय, जर्मनी में पोस्टडॉक्टोरल फेलो के रूप में उच्चस्तरीय शोध कार्य किया। उनके नाम प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में 100 से अधिक शोध प्रकाशन (2500 से अधिक उद्धरण) तथा 13 पेटेंट पंजीकृत हैं। उन्हें सर्वाधिक उद्धृत शोधपत्र पुरस्कार, युवा वैज्ञानिक पुरस्कार, फास्ट ट्रैक यंग साइंटिस्ट अवार्ड सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने अब तक 60 से अधिक आमंत्रित व्याख्यान देश-विदेश में प्रस्तुत किए हैं तथा अनेक शोधार्थियों का सफलतापूर्वक मार्गदर्शन किया है।

इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने प्रो. चतुर्वेदी को हार्दिक बधाई देते हुए कहा,“प्रो. देवदत्त चतुर्वेदी को प्राप्त यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान उनके उत्कृष्ट वैज्ञानिक योगदान की पहचान होने के साथ-साथ महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता और वैश्विक प्रतिष्ठा को भी नई ऊँचाइयाँ प्रदान करता है। उनका शोध कार्य एवं नेतृत्व युवा वैज्ञानिकों और शोधार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है।”

वही स्कूल ऑफ फिजिकल साइंसेज के डीन प्रो. सुनील श्रीवास्तव सहित विश्वविद्यालय के अनेक वरिष्ठ शिक्षाविदों, प्रो. शिरीष मिश्रा, प्रो. आनंद प्रकाश, प्रो. अर्त्तात्राणा पाल, प्रो. प्रणवीर सिंह, प्रो. प्रसून दत्त सिंह, प्रो. राजेन्द्र सिंह, प्रो. सुनील महावर, प्रो. बृजेश पांडेय, प्रो. रफीक-उल-इस्लाम, प्रो. अजय के. गुप्ता, प्रो. एस. के. त्रिपाठी, प्रो. शहाना मजूमदार, डॉ. सच्चिदानंद सिंह, डॉ. जुगल दाधिच सहित अन्य गणमान्य शिक्षाविदों ने भी उन्हें शुभकामनाएँ प्रेषित करते कहा है,कि प्रो. (डॉ.) देवदत्त चतुर्वेदी की यह उपलब्धि भारतीय वैज्ञानिक समुदाय, उच्च शिक्षा संस्थानों तथा शोध जगत के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।


anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page