एसएसबी 71वीं वाहिनी ने पीपराकोठी में मनाया 62वां स्थापना दिवस
पीपराकोठी । 71वीं वाहिनी एसएसबी एवं सभी सीमा चौकियों द्वारा सशस्त्र सीमा बल का 62 वां स्थापना दिवस मनाया गया एवं वाहिनी के कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार द्वारा महानिदेशक के संदेश को पढ़ कर सभी बलकर्मियों सुनाया गया तथा बल के स्थापना दिवस पर वाहिनीं के सभी बलकर्मियों को ढ़ेर सारी बधाईयां एवं शुभकामनाएं दी गई।
इस उपलक्ष्य पर वाहिनी के कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि सशस्त्र सीमा बल का गठन भारत चीन युद्ध के बाद वर्ष 1963 में किया गया था। उसके बाद एसएसबी को वर्ष 2001 में भारत नेपाल की 1751 किलोमीटर की खुली सीमा की निगरानी करता है तथा एसएसबी का मूल मंत्र सेवा ,सुरक्षा व बंधुत्व है एसएसबी ने भारत नेपाल, भारत भूटान व भारत बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी अलग पहचान बनायी।
उन्होंने कहा कि एसएसबी भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा पर तैनात रहने के साथ साथ देश के कुछ अन्य राज्यों में भी तैनात है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर महिला जवानों को तैनात करने वाला विश्व का यह पहला अर्द्धसैनिक बल है। उन्होंने कहा कि 1962 में चीन युद्ध के बाद 1963 में स्पेशल सर्विस व्यूरो का गठन किया गया था जो खुफिया संवाद संकलन करती थी।

इसकी क्षमता को देखते हुए केंद्र सरकार ने 2003 में इसका नाम बदल कर सशत्र सीमा बल कर दिया 62 वर्ष के अपनी यात्रा के सफर में एसएसबी ने देश की सुरक्षा में अपनी अलग पहचान बनाई है। भारत-नेपाल के 1751 किलोमीटर लंबी सीमा के साथ साथ भारत-भूटान की 699 किलोमीटर सीमा की निगरानी व सुरक्षा में तैनात है।
सशस्त्र सीमा बल का 62 वां स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम प्रशिक्षण केंद्र सपरी , जिला –कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश में सम्पन्न हुआ जिसमें महानिदेशक महोदय ने परेड की सलामी ली तथा सभी बलकर्मियों एवं उनके परिवार जानो को ढ़ेर सारी शुभकामनाएं दिए। स्थापना दिवस पर विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन किया गया व उल्लास के साथ एसएसबी का 62 वां स्थापना दिवस मनाया गया इस कार्यक्रम में वाहिनी के उप कमांडेंट सतीश कुमार गुप्ता, उप कमांडेंट विश्वजीत तिवारी और वाहिनी के सभी बलकर्मी एव उनके परिवारजन भी उपस्थित रहे।

