बेंगलुरु मजदूरी करने गए युवक की हुई मौत, ठेकेदार पर गला दबाकर हत्या का आरोप
– पड़ोसी गांव के एक युवक और उसके जीजा पर लगाया हत्या का आरोप
चिरैया। थाना क्षेत्र के बैद्यनाथपुर गांव के एक युवक की बेंगलुरु में हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान उक्त गांव के वार्ड नंबर 11 निवासी हरेंद्र राम के 27 वर्षीय पुत्र वीरेंद्र राम के रूप में हुई है।
मृतक के परिजनों ने बताया कि वीरेंद्र कर्नाटक राज्य के बेंगलुरु सिटी के राजपाल नगर पुलिस स्टेशन अंतर्गत सूरती नगर मजदूरी करने गया था। बीते 14 दिसम्बर को वीरेंद्र के मौत की सूचना उसके बहनोई को मोबाइल पर दी गई। इस बारे में जानकारी देते हुए मृतक के बहनोई व मेहसी निवासी संजीत कुमार ने बताया कि गत 10 दिसंबर को चिरैया थाना अंतर्गत बहुअरवा गांव निवासी वीरेंद्र राय के पुत्र रजनीश राय ने जोर जबरदस्ती कर उसके साले वीरेंद्र राम को अपने साथ एक फैक्ट्री में मजदूरी करने बेंगलुरु ले गया। उस फैक्ट्री में रजनीश का बहनोई ठीकेदारी करता था। लेकिन वीरेंद्र जब वहां पहुंचा तो एक दिन बाद ही उसने रजनीश से घर वापस भेजने की जिद करने लगा।
जिसके बाद रजनीश ने वीरेंद्र राम के बहन- बहनोई को 14 दिसम्बर रात के 1 बजकर 40 मिनट पर फोन कर बताया कि वीरेंद्र घर जाने के लिए काफी हंगामा कर रहा है। इस कारण हमलोगों ने उसका हाथ पैर बांध दिया है। आप टिकट का रुपया भेज दीजिए, हम इसको यहां से वापस घर भेज देते है। जिस पर वीरेंद्र की बहन ने हामी भर दी और कहा कि आप उसका हाथ पैर खोल दीजिए। मैं सुबह तक रुपए भेज दूंगी। लेकिन 14 दिसम्बर की सुबह रजनीश ने परिजनों को फोन कर बताया कि वीरेंद्र मर चुका है।
मृतक के जीजा संजीत कुमार ने रजनीश राय के बहनोई पर आरोप लगाते हुए कहा कि घर आने की बात पर ठीकेदार और मृतक के बीच हाथापाई हुई थी। जिसके बाद ठीकेदार ने वीरेंद्र राम की गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी। बता दें कि बेंगलुरु में वीरेंद्र के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद रजनीश राय ही एंबुलेंस से गांव लेकर पहुंचा। जिसके बाद मृतक के बहनोई संजीत कुमार ने कॉल 112 पर और चिरैया थाना को इसकी सूचना दी।
संजीत ने बताया कि पुलिस के नहीं पहुंचने पर गांव में पंचायती की गई, जिसमें रजनीश के पिता ने कहा कि मेरे दामाद के मुंह पर मृतक द्वारा थूक फेंका गया था। जिसके कारण हो सकता है कि गुस्से में आकर मृतक को मेरे दामाद द्वारा मारा पीटा गया होगा। लेकिन मेरा बेटा रजनीश राय इस मामले में बेकसूर है। बीते 16 दिसम्बर मंगलवार को बेंगलुरु से शव के गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी मातमी सन्नाटा छा गया। पत्नी रीता देवी का रो-रो कर बुरा हाल है।
मृतक को दो बेटी और एक बेटा है, जो क्रमशः 5 वर्ष, 4 वर्ष और दो वर्ष का है। मंगलवार देर रात को मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना के बाद गांव के लोग मृतक के घर पहुंच कर परिवार वाले को सांत्वना दे रहे है। वहीं परिजन राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से इंसाफ की मांग कर रहे है। इधर चिरैया थानाध्यक्ष महेश कुमार ने बताया कि मामले में बेंगलुरु पुलिस द्वारा अगर किसी प्रकार का सहयोग मांगा जाएगा तो उन्हें हर सम्भव मदद दी जाएगी।

