सदर मजिस्ट्रेट के नियमो से आजिज हो रहे शपथ पत्र बनवाने वाले अभ्यर्थी
मोतिहारी। अनुमंडल कार्यालय सदर से शपथ पत्र बनवाना काफी टेढ़ी खीर बन गई है। बताते है कि जब भी कोई नए कार्यपालक पदाधिकारी का पदस्थापना होता है, वे अपने अनुकूल शपथ बनाने का नियम बना देते हैं। नतीजतन शपथ पत्र बनवाने वाले लोगों को दोहरी मार का शिकार बनना पड़ता है। नियम यह है कि शपथ पत्र को 10.30 बजे से 1 बजे तक जमा करा देना है। जबकि मजिस्ट्रेट तीन बजे के बाद पांच बजे के बीच कभी भी कार्यालय आयेंगे और उनके सामने अभ्यर्थी अपना हस्ताक्षर करेंगे। शपथ पत्र दस दिन बाद कार्यालय से लेना होगा।
नोटरी एक्ट के अनुसार अगर कोई व्यक्ति शपथ करता है तो शपथ पत्र में वर्णित तथ्य उसके जिम्मेवारी पर होगा। परंतु पदाधिकारी द्वारा शपथ करने के लिए अलग-अलग मापदंड बनाए गए हैं। अफसरशाही की वजह से शपथ पत्र बनवाने वालों में त्राहिमाम मची है। शपथ पत्र बनवाने वालो का कईयों का आरोप था कि उन्हे जानबुझ कर मानसिंक एवं आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है।

