मुंशी सिंह कॉलेज में जैव प्रौद्योगिकी पर विशेष व्याख्यान का आयोजन

मुंशी सिंह कॉलेज में जैव प्रौद्योगिकी पर विशेष व्याख्यान का आयोजन
Facebook WhatsApp


मोतिहारी।  मुंशी सिंह कॉलेज के बॉटनी विभाग और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में “हरित ईंधन, स्वच्छ भविष्य जलवायु परिवर्तन के लिए जैव प्रौद्योगिकी के उत्तर विषय पर एक वैज्ञानिक व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. मयंक कपिला, समन्वयक तथा डॉ. सफिकुर रहमान, विभागाध्यक्ष वनस्पति विज्ञान विभाग ने किया। स्वागत भाषण प्रो. एमएन. हक, प्राचार्य, ने प्रस्तुत किया।

मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. सैयद शम्स यजदानी, अंतरराष्ट्रीय आनुवंशिक अभियंत्रण एवं जैव प्रौद्योगिकी केंद्र नई दिल्ली की उपस्थिति रही। उन्होंने अपने व्याख्यान में बताया कि विश्व प्रतिवर्ष लगभग 35 अरब मैट्रिक टन कार्बन का उत्सर्जन कर रहा है, और यह प्रवृत्ति निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने 2015 में लिए गए उस संकल्प की चर्चा की, जिसमें कहा गया था कि औद्योगिकीकरण-पूर्व स्तर से तापमान में वृद्धि 2 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए, परंतु वर्तमान में यह सीमा पार हो चुकी है। डॉ. यजदानी ने चेताया कि बढ़ते तापमान के कारण वेक्टर पारिस्थितिकी में बदलाव आ रहा है, और लगभग दस हजार वायरस ऐसे हैं जो जंगलों से समाज में फैलने के लिए तैयार हैं। यदि केवल एक कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को ठहरा दिया, तो कल्पना कीजिए यदि मात्र दस प्रतिशत वायरस समाज में प्रवेश कर जाएं तो क्या स्थिति बनेगी। उन्होंने कहा कि जैव ईंधन में जलवायु परिवर्तन समस्या का समाधान है, क्योंकि पारंपरिक कार्बन ईंधन की तुलना में जैव ईंधन पर्यावरण में अतिरिक्त कार्बन नहीं जोड़ता।

उन्होंने बायोफ्यूल्स की चार पीढ़ियों का उल्लेख करते हुए बताया कि पहली पीढ़ी खाद्यान्न स्रोतों से, दूसरी गैर-खाद्य स्रोतों से, तीसरी एल्गी/लिपिड आधारित और चौथी पीढ़ी दक्ष एल्गी की उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित है। वर्तमान में हम दूसरी पीढ़ी के जैव ईंधनों का प्रयोग कर रहे हैं। आने वाले समय में यह और परिष्कृत होगी और जलवायु परिवर्तन को रोकने में अहम योगदान देगी।

कार्यक्रम में डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. अमित कुमार, डॉ. चित्रलेखा, डॉ. अभय, डॉ. सतीश तथा  अरविंद कुमार (एल.एन.डी. कॉलेज) सहित अनेक गणमान्य शिक्षक उपस्थित थे। वनस्पति विज्ञान और प्राणीशास्त्र विभाग के सौ से अधिक छात्र/छात्राओं ने भी इस व्याख्यान में भाग लिया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मयंक कपिला ने किया।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page