तस्करी के लिए छुपाए गये 436 बोरी खाद बरामदगी मामले प्राथमिकी दर्ज
– प्राथमिकी में 44 घंटे विलंब पर उठने लगी उंगली
-विभागीय मिलीभगत को लेकर लोगों में हो रही है चर्चा
पूर्वी चंपारण । जिले के जितना थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव बलुआ में कालाबाजारी को लेकर छुपाये गये 436 बोरी खाद बरामदगी मामले में आखिरकार प्राथमिकी दर्ज हुआ। लेकिन आश्चर्य है कि इस प्राथमिकी को दर्ज कराने में विभाग को 44 घंटे लग गये। नतीजतन दाल में कुछ काला की आशांका पर लोग हैरत में है।
उल्लेखनीय है कि सिकरहना एसडीओ साकेत कुमार और प्रखंड कृषि पदाधिकारी रामकुमार पासवान के निर्देश के बाद कृषि समन्वयक सुधीर कुमार और रणवीर सिंह ने संयुक्त रूप से शनिवार की संध्या जितना थाना में प्राथमिकी दर्ज करने हेतु आवेदन दिया। तत्पश्चात् पुलिसिया कारवाई में तेजी आयी है।
यहां जाने की गुरुवार की संध्या बलुआ गांव में कृषि विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली कि ग्रामीण बिजेंद्र कुमार के घर में अवैध रूप से तस्करी की नीयत से भारी मात्रा में खाद छुपा कर रखा गया है। तत्पश्चात् जितना पुलिस के सहयोग से उक्त स्थल पर छापेमारी कर 436 बोरा यूरिया खाद को जब्त किया गया। जब्त किए गए खाद में यूरिया 360 बोरा, 50 बोरा फास्फेट, वहीं 6 बोरा पोटाश को जप्त किये गये।
मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का अधिकार विभाग को है। लेकिन लंबे इंतजार यानि की 44 घंटे बीत जाने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया। सीमाई क्षेत्र में भले ही जिला प्रशासन सख्ती का निर्देश जारी करता है, लेकिन यहां तो हमाम में सभी नंगे वाली कहावत बदस्तूर जारी है।
सीमाई क्षेत्र में धड़ल्ले से खाद की तस्करी कर तस्कर अकूत संपत्ति अर्जित करने में जुटे है। वहीं विभागकर्मी भी इस में नैपथ्य में रहकर मालोमाल होने से परहेज नहीं कर रहे है। अलबत्ता प्रशासन को इसकी रोकथाम के लिए और कड़े कदम उठाने की जरूरत है, ताकि सीमाई इलाको के किसानों का उर्वरक की तस्करी होने से बचाया जा सके।

