एग्री क्लीनिक एवं एग्री बिज़नेस सेंटर पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन
– कृषि स्नातकों के लिए 20 लाख तक की योजना को नाबार्ड देगी स्वीकृति
मोतिहारी। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की ओर से एग्री क्लीनिक एवं एग्री बिजनेस सेंटर पर शुक्रवार को शहर स्थित को-ऑपरेटिव बैंक के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। अध्यक्षता नाबार्ड के सहायक महाप्रबन्धक (डीडीएम) आनंद अतिरेक ने की। कार्यक्रम में एलडीएम ऑफिस के बैंक अधिकारी, आरसेटी के अधिकारी, जिले में कार्यरत कई बैंकों के जिला समन्यवक, प्रगतिशील युवा किसान और कृषि स्नातकों ने भाग लिया। डीडीएम श्री आनंद ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि एसीएबीसी योजना के अंतर्गत, कृषि स्नातक, मैनेज संस्था से प्रशिक्षण प्राप्त कर के स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत 20 लाख रुपये तक की परियोजना स्वीकृत की जा सकती है। जबकि ग्रुप योजना में 1 करोड़ रुपये तक की परियोजना स्वीकृत की जा सकती है। योजना के अंतर्गत सामान्य श्रेणी के लिए 36 प्रतिशत और महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए 44 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। एलडीएम आरके पांडेय ने बैंक समन्यवकों से अनुरोध किया कि बैंक लाभुकों का चयन कर नाबार्ड के माध्यम से अनुदान दिलाएं। आरसेटी, के निदेशक बिपिन कुमार ने आरसेटी में चलायी जा रही कई कौशल विकास योजनाओं के बारे में भी चर्चा की।
डीडीएम ने बताया कि एसीएबीसी योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि एवं संबधित क्षेत्रों में अधिक से अधिक ऋण प्रवाह करना और कृषि स्नातकों को व्यवसाय के लिए आसान शर्तों पर ऋण मुहैया कराना है। उन्होंने बताया कि ऐसी कार्यशालाओं का उद्देश्य बैंकों के मध्य केंद्र सरकार की कृषि संबधित योजनाओं के लिए जागरूकता बढ़ाना है। अंत में बैंकों के जिला समन्यवकों, प्रगतिशील किसान और कृषि स्नातकों ने अपने विचार व्यक्त किए और नाबार्ड को कार्यशाला का आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। उक्त आशय की जानकारी नाबार्ड के सहायक महाप्रबन्धक (डीडीएम) आनंद अतिरेक द्वारा दी गई है।

