अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई के लिए चिन्हित करे जमीनः डीएम
नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को सरकार की योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश
मोतिहारी। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में जिला के सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी के साथ बैठक संपन्न हुई, जिसमें नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान नगर आयुक्त सौरभ सुमन यादव एवं अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा भी उपस्थित थे।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी कार्यपालक पदाधिकारी से एक-एक कर अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई की स्थापना के संबंध में जानकारी प्राप्त की। तत्पश्चात निर्देश दिया कि विभागीय गाईडलाइन के अनुसार यथाशीघ्र जमीन चिन्हित करें। इस कार्य में संबंधित अंचल अधिकारी का सहयोग प्राप्त करें। अगर कहीं दिक्कत होता है तो अपर समाहर्ता से मिलकर बताएं ताकि किसी प्रकार का गतिरोध उत्पन्न हो तो उसे दूर किया जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि अगर जमीन चिन्हित हो गई है तो उसका सीमांकन कराते हुए अग्रतर कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस क्रम में कार्यपालक पदाधिकारी रक्सौल ने बताया कि रक्सौल में अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई की स्थापना के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है, सीमांकन भी कर दिया गया है। इस पर जिलाधिकारी के द्वारा चिह्नित भूमि का जमाबंदी करा लेने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया कि नगर पंचायत/ नगर परिषद के बोर्ड की बैठकों में लिए गए निर्णय की कार्यवाही प्रतिवेदन विभागीय सचिव को भेजते हुए जिलाधिकारी के कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करायेंगे। उन्होंने सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को नगर पंचायत/ नगर परिषद क्षेत्र में सौंदर्यीकरण की योजनाओं का चयन का निर्देश दिया।कहा कि नगर क्षेत्र में यदि तालाब या पोखर है तो उसके सौंदर्यीकरण की योजना का भी प्रस्ताव लिया जा सकता है। बैठक में जिलाधिकारी ने सात निश्चय, सात निश्चय (2), प्रधानमंत्री आवास योजना (सभी के लिए आवास), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0, जल जीवन हरियाली, हर-घर नल का जल योजना सहित राजस्व संग्रहण समीक्षा की गई और निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में इस वित्तीय वर्ष में ही प्राप्त कर लेने का निर्देश दिया।

