एक सप्ताह के अंदर सभी कार्यक्रम पदाधिकारी लक्ष्यों को पूरा करें: डीडीसी
– लापरवाही बरतने वाले रोजगार सेवको पर कारवाई की अनुशंसा
– प्रतिदिन 20, 000 मजदूरों का ई-केवाईसी कराने का टास्क
मोतिहारी। कलेक्ट्रेट स्थित डॉ. राधाकृष्णन भवन में उप विकास आयुक्त, की अध्यक्षता में ग्रामीण विकास विभाग योजनाओं की समीक्षा की गई। जिसमें निदेशक, एनईपी, निदेशक, लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा), कार्यपालक अभियंता (मनरेगा), सहायक अभियंता (मनरेगा) सभी कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) एवं सभी कनीय अभियंता उपस्थित थे। समीक्षोपरांत पाया गया कि मनरेगा मजदूरों का ई-केवाईसी में कम लक्ष्य प्राप्त करने वाले कार्यक्रम पदाधिकारियों केसरिया, रक्सौल, मोतिहारी, तुरकौलिया एवं चकिया का काम काफी असंतोषजनक है। नतीजतन सभी कार्यक्रम पदाधिकारी को प्रतिदिन 20000 मजदूरों का ई-केवाईसी कराने का लक्ष्य दिया गया। साथ ही कम प्रगति करने वाले पंचायत रोजगार सेवक के विरुद्ध कार्रवाई करने की अनुशंसा का निर्देश दिया। पीएम आवास योजना कन्वर्जन्स में कुल 26961 मस्टर रॉल निर्गत करना हैं।
जिसमें प्रखंड घोड़ासहन में 2984, तुरकौलिया में 2834, हरसिद्धि में 2224, चकिया में 2176, एवं सुगौली में 2149 मस्टर रॉल निर्गत करना लंबित है। नतीजतन एक सप्ताह के अन्दर अपेक्षित प्रगति प्राप्त कर लेने का निर्देश दिया गया। जिला अन्तर्गत 319 खेल का मैदान चयनित है, जिसमें 308 खेल का मैदान परिसर को पूर्ण कर लिया गया है। फेनहारा, हरसिद्धि, मेहसी, सुगौली, केसरिया, रामगढ़वा एवं छौड़ादानों को एक सप्ताह के अंदर खेल मैदान को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। 950400 वृक्षारोपण का लक्ष्य
में मात्र 440700 पौधारोपण किया गया है। फलस्वरूप सभी कनीय अभियंता को विभागीय निदेशानुसार एक सप्ताह के अंदर शत-प्रतिशत पौधारोपण करने का निदेश दिया गया। मजदूरी के रिजेक्टेड ट्रान्जेक्शन में कुल 115 लंबित ट्रान्जेक्शन है।संबंधित कार्यक्रम पदाधिकारी को दो दिनों के अन्दर लंबित ट्रान्जेक्शन को समाप्त करने का निदेश दिया गया है। जलदूत एप्प में कुल 50 पंचायत में योजनाओं की प्रविष्टि पोस्ट मानसून नहीं किया गया है। इनमें कोटवा 8, पकड़ीदयाल 7 एवं अरेराज 5 में सर्वाधिक है। े जल-जीवन-हरियाली अभियान अन्तर्गत सार्वजनिक चप्पाकलों के किनारें सोखता निर्माण में कम प्रगति पर बंजरिया, रामगढवा एवं पताही के कार्यक्रम पदाधिकारी को लक्ष्य के अनुरूप सोखता निर्माण करने का निदेश दिया गया।

