चरस तस्करी मामले में एक को बारह वर्षों का सश्रम कारावास
पूर्वी चंपारण। स्वापक औषधि और मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम न्यायालय प्रथम के विशेष न्यायाधीश रेशमा वर्मा ने चरस तस्करी मामले में दोषी पाते हुए नामजद एक अभियुक्त को बारह वर्षों का कठोर कारावास एवं दो लाख रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाए। अर्थ दंड नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
सजा चिरैया थाना के अकौना निवासी बालेश्वर सहनी को हुई। मामले में चिरैया थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने चिरैया थाना कांड संख्या 256/2022 दर्ज कराया था। जिसमें कहा था कि 2 जून 2022 की संध्या छह बजे वे गश्ती बल के साथ बैद्यनाथपुर चौक के पास पहुंचे तो देखे कि एक व्यक्ति हाथ में झोला लिए हुए था और पुलिस गाड़ी को देखकर भागने लगा। जिसे पुलिस बल ने दौड़कर धर दबोचा। जांच के दौरान नामजद व्यक्ति के झोला से प्लास्टिक के पन्नियों में लपेटा 1 किलो 25 ग्राम चरस बरामद हुआ।
पुलिस ने अनुसंधान पूरी कर 28 अगस्त 2022 को न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया। एनडीपीएस वाद 43/2022 विचारण के दौरान न्यायालय ने अभियुक्त के विरुद्ध 24 नवंबर 2023 को आरोप पत्र गठन की। विशेष लोक अभियोजक डॉ. शंभूशरण सिंह ने चार गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन साक्ष्य कराया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद धारा 20(बी)ii (सी) एवं 23(सी) एनडीपीएस एक्ट में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए। कारागार में बिताए अवधि का समायोजन सजा की अवधि में होगी।

