दहेज हत्या मामले में पति को चौदह वर्षों का सश्रम कारावास
मोतिहारी। सोलहवीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जटाशंकर मिश्रा की अदालत ने दहेज में स्कॉर्पियो गाड़ी नहीं देने के कारण विवाहिता की गला दबाकर हत्या के मामले में पति को चौदह वर्षों के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह सजा रक्सौल थाना क्षेत्र के सिसवा निवासी शुभनारायण राय के पुत्र सुशील यादव को दी गई है। मामले में मृतका प्रभा देवी के पिता रामजन्म राय, निवासी विशुनपुरवा, थाना छौड़ादानों, ने रक्सौल थाना कांड संख्या 178/2017 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री की शादी 10 जुलाई 2016 को सुशील यादव से हुई थी। शादी में उपहार स्वरूप बुलेट बाइक दी गई थी, बावजूद दामाद और उसके परिजन दहेज में स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर प्रभा देवी को लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा। 6 जून 2017 को आरोपितों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। सूचना मिलने पर जब पिता मौके पर पहुंचे, तो देखा कि परिजन लाश को जलाने की तैयारी में थे। इसी बीच पुलिस के पहुंचते ही सभी आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने उसी दिन सुशील यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अन्य आरोपितों के फरार रहने के कारण केवल सुशील यादव के खिलाफ आरोपपत्र समर्पित किया गया। मामला सत्रवाद संख्या 163/2018 के रूप में न्यायालय में विचाराधीन रहा। विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक ईश्वरचंद दूबे ने 11 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष को मजबूती दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने 16 अक्टूबर को अभियुक्त को दोषी करार देते हुए उसके बंध पत्र को निरस्त कर कारागार भेज दिया था। शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने अभियुक्त को धारा 304(बी) के तहत दोषी पाते हुए 14 वर्षों के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

