प्रशासनिक स्तर पर ईवीएम/वीवीपैट का द्वितीय रेंडमाइजेशन हुआ संपन्न
– आयोग के मैनेजमेंट सिस्टम इएमएस 2.0 पोर्टल के माध्यम से की जाती रेंडमाइजेशन: डीएम
-इमरजेंसी के लिए 20-30 प्रतिशत ईवीएम/वीवीपैट रहेगा सुरक्षित
मोतिहारी। बिहार विधानसभा आम चुनावये-2025 को स्वच्छ, निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से संपन्न कराने को लेकर ईवीएम/वीवीपैट का दुसरी बार रेंडमाइजेशन का कार्य पूरा किया गया। इस अवसर पर निर्वाचन आयोग से नियुक्त सामान्य प्रेक्षकगण, चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी तथा राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। समाहरणालय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में ईवीएम/वीवीपैट का रेंडमाईजेशन किया गया।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी सौरभ जोरवाल एवं आयोग की ओर से नियुक्त पुलिस प्रेक्षक राघवेंद्र सुहासा, सामान्य प्रेक्षक 10-रक्सौल विधानसभा क्षेत्र मयंक अग्रवाल, 11- सुगौली विधानसभा क्षेत्र हनीश छाबड़ा, 12-नरकटिया विधानसभा क्षेत्र राजेंद्र कुमार, 13- हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र मोहित बूंदास, 14-गोविंदगंज विधानसभा क्षेत्र शशांक प्रताप सिंह, 15-केसरिया विधानसभा क्षेत्र पी बी नूह, 16 – कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र के जीएस पांडा दास, 17-पिपरा विधानसभा क्षेत्र के एस नायडू, 18- मधुबन विधानसभा अहमद इकबाल, 19-मोतिहारी विधानसभा क्षेत्र विनोद आर राव, 20-चिरैया डी मुरलीधर रेड्डी, 21-ढाका विधानसभा नरेंद्र कुमार शाह सहित सभी 12 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी/ अभ्यर्थी/ निर्वाचन प्रतिनिधि तथा राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया में आज द्वितीय रैंडमाइजेशन के उपरांत विधानसभावार उपलब्ध कराये गये ईवीएम का यादृच्छिक (रेंडमली) रूप से मतदान केंद्रवार आवंटित किया गया है। बिहार विधानसभा निर्वाचन को संपन्न करने के लिए बनाए गए सभी 4095 मतदान केंद्रों के लिए 4095 बीयू, 4095 सीयू, तथा 4095 वीवीपैट का रेंडमाइजेशन किया गया। साथ ही साथ मतदान केंद्र भी आवंटित कर दिये गये। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके अतिरिक्त 20 प्रतिशत ईवीएम तथा 30 प्रतिशत वीवीपैट को सुरक्षित रख लिया जाता है।
सुरक्षित मशीनों का उपयोग मतदान के दिन मॉक पोल एवं एक्चुअल पोल के दौरान खराब मशीनों के रिप्लेसमेंट के रूप में किया जाता है। द्वितीय रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के ईवीएम मैनेजमेंट सिस्टम इएमएस 2.0 पोर्टल के माध्यम से की जाती है। फलस्वरूप मतदान प्रक्रिया को पूर्ण रूप से पारदर्शी एवं निष्पक्षता से कराने के लिए रेंडमाइजेशन की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

