श्रम विभाग के धावा दल का चकिया के दो प्रतिष्ठानों पर छापा, दो बाल श्रमिक विमुक्त
-प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध थाना में प्राथमिक हुआ दर्ज
मोतिहारी। श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, चकिया के नेतृत्व में चकिया प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत विशेष धावा दल ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया। इस क्रम में भारत स्वीट्स एवं अमन मोटरसाइकिल रिपेयरिंग सेंटर से 01-01 बाल श्रमिको को विमुक्त कराया गया।
इस संबंध में श्रम अधीक्षक सत्या प्रकाश ने स्पष्ट किया कि यह अभियान जिला अंतर्गत लगातार क्रियाशील रहेगा। फलस्वरूप दोनों प्रतिष्ठानों के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम अंतर्गत थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। फिलहाल विमुक्त बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति, मोतिहारी के समक्ष उपस्थापित कर उन्हें बाल गृह में आवासीत कर दिया गया।
श्रम अधीक्षक सत्या प्रकाश द्वारा बताया कि बच्चों से प्रतिष्ठान में कार्य कराना बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन के अंतर्गत गैर कानूनी है। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अतर्गत बाल श्रमिकों से कार्य कराने वाले व्यक्तियों को 20 हजार रूपये से 50 हजार रूपये तक का जुर्माना और 2 वर्षों तक का कारावास का प्रावधान है।
इसके अतिरिक्त सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में सभी नियोजकों से 20,000 प्रति बाल श्रमिक की दर से राशि की वसूली की जाएगी। धावा दल की टीम में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, चकिया,, मेहसी, पकडीदयाल, पीपराकोठी एवं प्रयास संस्था तथा ग्राम नियोजन केंद्र के प्रतिनिधि चकिया थाना पुलिस सहित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम शामिल थी।

