राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए नोटिस तामिला, पुलिस-न्यायिक तंत्र के बीच समन्वय आवश्यक: सचिव
सुलहनीय वादों के लिए लोक अदालत महत्वपूर्ण: सीजीएम
मोतिहारी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चम्पारण के तत्वावधान में आगामी 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर जिले के सभी थानाध्यक्षों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
अध्यक्षता मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, मोतिहारी पुनीत कुमार तिवारी ने की। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव नितिन त्रिपाठी सहित जिले के सभी थानाध्यक्ष उपस्थित थे। इस दौरान आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में यातायात चालान से संबंधित मामलों के अधिकतम निष्पादन पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
सचिव श्री त्रिपाठी ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि लंबित यातायात चालान मामलों में अधिक से अधिक संबंधित पक्षकारों को नोटिस की तामिला सुनिश्चित करें, ताकि वे राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने मामलों का सुलह एवं समझौते के आधार पर त्वरित निष्पादन करा सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दियाकि नोटिस की तामिला के उपरांत उसकी तामिला रिपोर्ट समय पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार को उपलब्ध करा देंगे।
इस अवसर पर थाना स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकतम मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए चिन्हित करने तथा पक्षकारों तक लोक अदालत के लाभ की जानकारी पहुंचाने पर भी बल दिया गया।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पुनीत कुमार तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत त्वरित, सरल एवं सुलभ न्याय का महत्वपूर्ण माध्यम है। फलस्वरूप इसके माध्यम से छोटे एवं समझौता योग्य मामलों का सौहार्दपूर्ण वातावरण में निस्तारण किया जा सकता है। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों से राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की। बैठक के दौरान नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों पर भी चर्चा की गई।
अधिकारियों के बीच नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, पुलिस की भूमिका तथा अनुसंधान एवं न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए नोटिस की अधिकतम तामिला, समयबद्ध रिपोर्टिंग एवं पुलिस-न्यायिक तंत्र के बीच प्रभावी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों से अपील की कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में लंबित यातायात चालान मामलों के अधिकतम निष्पादन हेतु विशेष प्रयास करें, जिससे लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण सुनिश्चित हो सके।

