किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म में दोषी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास
-60 हजार रुपये अर्थदंड, पीड़िता को छह लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश
मोतिहारी। किशोरी के अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अनन्य रैप एंड पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश मिथिलेश कुमार ने एक अभियुक्त को दोषी करार देते हुए 20 वर्षों के सश्रम कारावास एवं 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अर्थदंड की वसूली होने पर राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है। सजा गोविंदगंज थाना क्षेत्र के लौरिया निवासी शशिकांत पांडेय के पुत्र हिमांशु कुमार पांडेय को हुई है। मामले में पीड़िता के पिता ने गोविंदगंज (मलाही) थाना में कांड संख्या 184/2024 दर्ज कराया था। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 24 अप्रैल 2024 की रात पीड़िता अपने पड़ोस में आयोजित विवाह समारोह में गई थी। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने 7 मई 2024 को मोतिहारी रेलवे स्टेशन के समीप से पीड़िता और नामजद अभियुक्त को बरामद कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था।
न्यायालय में दर्ज अपने बयान में पीड़िता ने बताया कि घटना के दिन अभियुक्त ने फोन कर उसे बुलाया और अरेराज की ओर ले गया। अगले दिन उसे पटना ले गया। इसके बाद रांची और जहानाबाद ले जाकर उसके साथ मारपीट की और दुष्कर्म किया। मामले की सुनवाई पॉक्सो वाद संख्या 101/2024 में हुई। विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक पुष्पा दुबे ने अभियोजन की ओर से चार गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर उनकी गवाही कराई गई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 363 एवं 366ए भादवि तथा धारा 4(2) पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाते हुए सजा सुनाई। न्यायालय ने पीड़िता को पीड़ित घोषित करते हुए बिहार कंपनसेशन (अमेंडमेंट) स्कीम, 2019 के तहत छह लाख रुपये मुआवजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई हेतु आदेश की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकार को भेजने का भी निर्देश दिया है।

