डीएम ने संग्रामपुर प्रखंड में जिले के प्रथम ‘जीविका सुधा बिक्री केंद्र’ का शुभारंभ किया
संग्रामपुर। महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका संवर्धन एवं स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए है। फलस्वरूप मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत जिले के संग्रामपुर प्रखंड में प्रथम ‘जीविका सुधा बिक्री केंद्र’ का विधिवत शुभांरभ जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव द्वारा फीता काटकर किया गया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार एवं अनुमंडल पदाधिकारी सदर अरुण कुमार उपस्थित थे। कार्यक्रम में जीविका एवं जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। उद्घाटन के अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि ‘जीविका सुधा बिक्री केंद्र’ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस केंद्र के माध्यम से एक ओर आमजन को सुधा के गुणवत्तापूर्ण दुग्ध एवं अन्य उत्पाद स्थानीय स्तर पर सहज रूप से उपलब्ध होंगे, वहीं दूसरी ओर जीविका दीदियों के लिए स्थायी आय एवं स्वरोजगार का अवसर सृजित होंगे। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
उन्होने कहा कि जिले में इस पहल के व्यापक विस्तार की योजना है। प्रशासन एवं जीविका के समन्वित प्रयास से प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक जीविका सुधा बिक्री केंद्रों के विस्तार की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा लोगों को गुणवत्तापूर्ण दुग्ध एवं खाद्य उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। यह पहल जीविका दीदियों को उद्यमिता से जोड़ने, उनकी आय में वृद्धि करने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
साथ ही, स्थानीय स्तर पर उत्पादों की उपलब्धता बढ़ने से ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान जीविका एवं प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि जीविका और सुधा (कॉम्फेड) का यह संयुक्त प्रयास महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी मॉडल साबित होगा।
समारोह में जिला परियोजना प्रबंधक सौरभ कुमार, संग्रामपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी मुकेश कुमार, प्रखंड परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं संबंधित पदाधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जीविका दीदियों के श्रम, क्षमता और उद्यमशीलता को बाजार से जोड़ने वाली यह पहल महिला सशक्तिकरण को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करेगी और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

