छात्रों के लिए प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग गतिविधियों को अनिवार्य रूप से लागू करेंः डीईओ
– शैक्षणिक एवं पर्यावरणीय कार्यक्रमों की समीक्षोपरांत विभिन्न कार्यक्रमो को शीघ्र लागू करने का निर्देश
मोतिहारी। जिला शिक्षा पदाधिकारी, के कार्यालय प्रकोष्ठ में उनकी अध्यक्षता में जिले में चल रहे विभिन्न महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षोपरांत आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मसलन जिले के सभी विद्यालयों से अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं के नवीन एवं मौलिक आइडियाज को पोर्टल पर अपलोड करने, लक्ष्य के विरुद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रधानाध्यापकों को जल्द से जल्द प्रविष्टि पूर्ण करने का निर्देश दिया।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में सभी विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग गतिविधियों को अनिवार्य रूप से लागू करने पर बल दिया। बच्चों में रटने की प्रवृत्ति के बजाय करके सीखने की प्रवृत्ति विकसित करने को कहा। विद्यालयों में स्वच्छता, हरियाली एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित मॉड्यूल के अंतर्गत सभी विद्यालयों को हरित विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए लक्ष्य का निर्धारण किया। उन्होंने सभी प्राथमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान की समीक्षा की गई।
कक्षा 1 से 3 के बच्चों में पढ़ने-लिखने एवं बुनियादी गणितीय दक्षता सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड में कार्य करने का निर्देश दिया। सभी मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सक्रिय इको क्लब के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त विद्यालय अभियान को गति देने का निर्देश दिया।
जबकि एक पेड़ मां के नाम अभियान 2.0: प्रधानमंत्री के आह्वान पर प्रत्येक विद्यालय में “एक पेड़ मां के नाम” के तहत वृक्षारोपण कर उसकी जियो-टैगिंग कर पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया। छात्र-छात्राओं को नशा के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष प्रार्थना सभा, निबंध, चित्रकला , दीवाल लेखन एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिये। इसके अलावा 30अगस्त तक स्कूल रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया।
दिव्यांग बच्चों के शीघ्र चिन्हांकन हेतु भारत सरकार द्वारा विकसित प्रशस्त एप 2.0 पर सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं नोडल शिक्षकों द्वारा दिव्यांगता से संबंधित बच्चों का डाटा प्रविष्टि अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिए गए। निर्वाचन साक्षरता क्लब का गठन एवं क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। कहा कि
उपर्युक्त सभी कार्यक्रम सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। नतीजतन पदाधिकारी, संबंधित नोडल, जिला स्तरीय पीबीएल के अनुश्रवण एवं अनुसमर्थन की ओर से नागेंद्र प्रसाद, कमलेश कुमार सिंह, जिला स्तरीय टीम से रमेश कुमार, नवाब ठाकुर, विभाष चंद्र, सरिता कुमारी, ह्रदय कुमार, जिले के सभी प्रधानाध्यापक ससमय लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि लापरवाही बरतने वाले के विरुद्ध विभागीय-अनुशासनिक कार्रवाई तय है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि विभाग की ओर से निर्धारित मापदंड को शिक्षा कर्मी कितना धरातल पर उतार पाते है। मौके पर संभाग प्रभारी रामदेव महतो, रेयाज अहमद शकील अहमद, आदि उपस्थित थे।

