तुरकौलिया के गांधी घाट पर संपन्न हुआ ऐतिहासिक महावीरी झंडा मेला, हिंदू-मुस्लिम एकता बनी आकर्षण का केंद्र
मोतिहारी। तुरकौलिया प्रखंड मुख्यालय अवस्थित गांधीघाट पर शुक्रवार को प्रसिद्ध महावीरी झंडा मेला श्रद्धा, उत्साह और आपसी भाईचारे के माहौल में संपन्न हो गया। सावन पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाला यह ऐतिहासिक मेला क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल माना जाता है, जहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिल-जुलकर आयोजन को सफल बनाते हैं।
अधिवक्ता दिनेश्वर प्रसाद ने बताया कि वर्ष 1970 से यह मेला लगातार आयोजित होता आ रहा है। उन्होंने बताया कि पहले यह मेला तुरकौलिया हाई स्कूल परिसर में लगता था, लेकिन बाद में इसका आयोजन गांधी घाट पर होने लगा। मेले में सपही, तुरकौलिया पूर्वी, तुरकौलिया पश्चिमी, तुरकौलिया मध्य, शंकर सरैया उत्तरी सहित करीब आधा दर्जन पंचायतों से ग्रामीण गाजे-बाजे और जयकारों के साथ महावीरी झंडा लेकर पहुंचे।
इस दौरान लगभग तीन दर्जन झंडों की भव्य शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही। मेले में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी। हालांकि कुछ देर के लिए हुई बारिश से आयोजन प्रभावित हुआ, लेकिन मौसम साफ होते ही श्रद्धालुओं का उत्साह फिर लौट आया और धार्मिक अनुष्ठान व मेले की रौनक पहले की तरह दिखी।
आयोजन को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुखिया संघ के अध्यक्ष सुनील टाइगर, मुखिया विनय कुमार, सरपंच संघ के अध्यक्ष विजय सिंह, सरपंच मनोज कुमार, व्यवसायी भोला प्रसाद, पूर्व मुखिया कमरुज्जमा, डॉ. संजय सिंह, शक्तिमान पटेल, बद्री पासवानऔर धर्मनाथ पासवान सहित कई लोगों ने व्यवस्था संभालने में सक्रिय योगदान दिया।
वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। बीडीओ संतोष कुमार, सीओ प्रभात कुमार तथा थानाध्यक्ष रंजीत कुमार पुलिस बल के साथ पूरे मेले में लगातार निगरानी करते दिखे। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से महावीरी झंडा मेला शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

