दुबे टोला महावीरी झंडा में स्वः बाबू जगदेव दुबे अखाड़ा में विशाल कुश्ती-दंगल का आयोजन
– पचास जोड़ी पहलवानों के बीच हुई कुश्ती, सैकड़ों को नहीं मिला मौका
-1940 से होता आ रहा है झंडा व दंगल
संग्रामपुर। पूर्वी चंपारण जिले के संग्रामपुर प्रखण्ड अंतर्गत उत्तरी मधुबनी पंचायत के दुबे टोला पूरे देश के पहलवानों के लिए मक्का मदीना से कम नहीं है। नागपंचमी के अवसर पर महावीरी झंडा व कुश्ती का आयोजन हुआ।
दुबे टोला हनुमानजी मंदिर में पूजा अर्चना के बाद महावीरी झंडा का जुलूस बाजे-गाजे एवं जायकारे के पांच एकड़ भूमि पर अवस्थित आखाड़ा स्थल पहुंचा। जहां बाबू जगदेव दुबे आखड़ा में दंगल प्रतियोगिता जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि शशिभूषण राय उर्फ गप्पू राय, पूर्व मुखिया प्रतिनिधि रविशंकर दुबे व समाजसेवी सुरेंद्र दुबे ने संयुक्त रूप से दो पहलवानो के बीच हाथ मिलाकर शुभारंभ किया।
पश्चिमी चंपारण करहिया बसौली के पहलवान सतन व दिल्ली के परविंदर पहलवान के बीच जबरदस्त कुश्ती हुई। जहां सतन पहलवान करहिया बसौली ने दिल्ली के परविंदर पहलवान को पटकनी देकर बाजी मारी। जौनपुर के सत्यम पहलवान व करहिया बसौली के निरंजन पहलवान के बीच शानदार कुश्ती में निरंजन ने सत्यम को पटकनी दिया।
दुबे टोला आखड़ा में यूपी, हरियाणा, नेपाल, बिहार के कई जिलों से साठ जोड़ी पहलवानो के बीच ही कुश्ती हो पाई। सैकड़ो पहलवान कुश्ती से वंचित रह गए क्योंकि शाम ढलने लगा। कुश्ती रेफरी किरानी के देख रेख हुआ, वहीं मंच का संचालन चुन्नु चौबे कर रहे थे। दंगल व कुश्ती देखने को हजारों की भीड़ अंत तक लगी रही।
झंडा व कुश्ती समिति के संयोजक सह शिक्षाविद् राकेश द्विवेदी ने बताया कि 1940 से महावीरी झंडा व कुश्ती होते आ रहा हैं। मेला समिति ने जिप अध्यक्ष प्रतिनिधि से दुबे टोला आखड़ा में स्टेडियम निर्माण की मांग की, जिसको उन्होंने स्वीकार किया।
मेला को सफल बनाने में मेला समिति के अध्यक्ष मुकेश दुबे, सुजीत दुबे, ईशान दुबे, गुड्डू दुबे, हिमांशु दुबे हिटलर दुबे, रवि शंकर दुबे प्रभाकर दुबे, राजा बाबू,सुधाकर दुबे पहलवान, शंभू दुबे, रामेश्वर दुबे, अनिल दुबे, आलोक दुबे आदि सैकडो लोग लगे हुए थे। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस टीम लगी हुई थी।

