घर और स्कॉर्पियो से 131 किलो गांजा बरामदगी मामले में 10 साल की सजा
-एनडीपीएस कोर्ट ने आदापुर झिटकहियां के तत्कालीन मुखिया अख्तर शाह पर लगाया एक लाख रुपये का जुर्माना, श्याम यादव साक्ष्य के अभाव में बरी
मोतिहारी। गांजा तस्करी के मामले में एनडीपीएस न्यायालय प्रथम की अनन्य विशेष न्यायाधीश रेशमा वर्मा ने आदापुर थाना क्षेत्र के झिटकहियां पंचायत के तत्कालीन मुखिया अख्तर शाह को दोषी करार देते हुए 10 वर्षों के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने मामले के दूसरे आरोपित श्याम यादव को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
सजा पाने वाला अख्तर शाह झिटकहियां निवासी स्व. मेराजुल हक का पुत्र है। अभियोजन के अनुसार, पुलिस ने उसके घर से करीब 11 किलोग्राम गांजा तथा घर के पीछे खड़ी स्कॉर्पियो से 10 बंडलों में 120 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। इस प्रकार पुलिस ने कुल 131 किलोग्राम गांजा जब्त किया था।
गुप्त सूचना पर रात में हुई छापेमारी मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष धनंजय शर्मा ने आदापुर थाना कांड संख्या 227/2024 दर्ज कर अख्तर शाह समेत करीब आधा दर्जन लोगों को नामजद आरोपित बनाया था। प्राथमिकी के अनुसार, 15 जुलाई 2024 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि स्थानीय मुखिया अख्तर शाह के घर में भारी मात्रा में प्रतिबंधित गांजा रखा गया है।
सूचना की जानकारी वरीय पदाधिकारियों को देते हुए उनके आदेश पर पुलिस टीम ने रात करीब 1:30 बजे अख्तर शाह के घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान घर से पॉलीथिन में बंधा करीब 11 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके अलावा घर के पीछे खड़ी स्कॉर्पियो की तलाशी लेने पर 10 बंडलों में रखा करीब 120 किलोग्राम गांजा मिला। पुलिस ने मौके से अख्तर शाह को गिरफ्तार कर लिया था।नौ गवाहों ने दी अभियोजन के पक्ष में गवाही अनुसंधान पूरा होने के बाद पुलिस ने अख्तर शाह और श्याम यादव के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र समर्पित किया।
एनडीपीएस वाद संख्या 100/2024 के विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक डॉ. शंभू शरण सिंह ने अभियोजन की ओर से नौ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर उनकी गवाही कराई। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अख्तर शाह को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)ii(सी) के तहत दोषी पाते हुए 10 वर्षों के सश्रम कारावास एवं एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, श्याम यादव को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अभियुक्त द्वारा कारागार में बिताई गई अवधि का समायोजन सजा की अवधि में किया जाएग

