ऐक्टू का जारी अनिश्चितकालीन धरना जिलाधिकारी के आश्वासन पर हुआ समाप्त
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण अंतर्गत गड़हिया थाना पुलिस के द्वारा मध्य विद्यालय खोदादपुर के रसोइया और रात्रि प्रहरियों की हिरासत में बर्बर पिटाई, निर्दोषों की रिहाई की मांग को लेकर ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) का जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन समाप्त हो गया।
जानकारी ऐक्टू जिला अध्यक्ष दिनेश प्रसाद कुशवाहा ने बयान जारी कर दी है। अंतिम दिन के धरना को भाकपा माले केन्द्रीय कमेटी सदस्य सह सिकटा के पूर्व विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के राज में गरीबों पर जुल्म अत्याचार बढ़ा है।
मधुबन के भाजपा विधायक राणा रंधीर सिंह के राजनीतिक दवाब एवं कहने पर गढ़हिया थाना निवासी निर्दोष रसोइया शंभुशरण कुशवाहा को फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजना सरासर अन्यायपूर्ण कार्रवाई है। राजनेता थाना प्रशासन गठजोड़ के जरिए न्याय की आवाज को नहीं दबाई जा सकती है।
इनके अतिरिक्त प्रभुदेव यादव ने कहा कि जब तक गड़हिया थानाध्यक्ष आदित्य कुमार और मधुबन थानाध्यक्ष पवन कुमार शर्मा पर एफआईआर करके निलंबित नहीं किया जाता है। वहीं कांड संख्या 166/26 की एसआईटी से जांच, सीसीटीवी फुटेज की जब्ती, घायल शिवकली देवी का न्यायालय में 164 का बयान, घायलों का रि-मेडिकल जांच और अवैध रूप से हटाए गए रात्रि प्रहरी व रसोइयों की सेवा बहाली नहीं होती, आंदोलन को नहीं रोका जा सकेगा।
प्रमुख अन्य मांगों में रसोइया एवं हाउसकीपिंग एजेंसी द्वारा बहाल मध्य विद्यालय रात्रि प्रहरी, एवं सफाईकर्मी के बकाया मानदेय का अविलंब भुगतान सहित 14 सूत्री मांगे शामिल हैं। आंदोलन के बीच में ही जिलाधिकारी ने धरना को गंभीरता से लिया।
उन्होने पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए आमंत्रित किया। नतीजतन जिलाधिकारी से वार्ता एवं सकारात्मक आश्वासन के बाद अनिश्चितकालीन धरना को स्थगित करने की घोषणा की गई।
अंतिम दिन के धरने में भाकपा माले जिला सचिव संजय कुमार यादव, प्रभुदेव यादव, राघव साह, शंभूलाल यादव, राजेश कुमार छविलाल महतो, रात्रि प्रहरी संघ मुकेश कुमार, हरिशंकर सिंह, शबनम खातुन, शलेकुन नेसा, सुदामा सिंह, जीतेन्द्र राम, परमेश्वर पासवान, कुमांती देवी, रेहाना खातुन, संतोष सिंह बबिता देवी, गजेन्द्र सहनी, प्रहलाद शर्मा, चंद्रकिशोर दूबे, शिवशंकर ठाकुर, रामप्रवेश राम, बिगन राम, रामनरेश यादव, सहाना खारुन, चंद्रमा देवी, अवधेश राउत, रामभरोस राम, चोकट पासवान सहित बड़ी संख्या में आशा, रसोइया, ममता और दर्जनों से ज्यादा निर्माण मजदूर शामिल थे।

