युवा आपदा मित्र’ आवासीय प्रशिक्षण शिविर का हुआ समारोहपूर्वक समापन
– प्रतिभागियों के बीच प्रमाण-पत्र एवं आपदा प्रबंधन किट का वितरण
मोतिहारी। मुंशी सिंह महाविद्यालय, मोतिहारी में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में 03 से 09 अगस्त तक आयोजित सात दिवसीय आवासीय ‘युवा आपदा मित्र’ प्रशिक्षण शिविर का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया।
शिविर के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से निपटने, प्राथमिक उपचार, बचाव एवं राहत कार्य तथा आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
शिविर के अंतिम दिन के प्रथम सत्र में एस.डी.आर.एफ. की टीम द्वारा प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन के माध्यम से प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों द्वारा अर्जित ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता का आंकलन किया गया।
समापन समारोह में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरीय सलाहकार अशोक कुमार शर्मा, मोतिहारी सदर के डी.एस.पी दिलीप कुमार,कुमारी प्रियंका, ट्रेनी डी.एस.पी.माय भारत, जिला युवा पदाधिकारी अंकिता, मुंशी सिंह महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एम. एन. हक, एन.एस.एस. कार्यक्रम पदाधिकारी एवं शिविर समन्वयक डॉ. गौरव भारती सहित शिविर प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. नरेन्द्र सिंह, डॉ. अमित कुमार, डॉ. आलोक कुमार पाण्डेय, डॉ. विदुषी दीक्षित, डॉ. अवनीश मिश्र एवं डॉ. शशिकांत यादव उपस्थित थे।
इस अवसर पर अतिथियों ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा के समय प्रशिक्षित एवं जागरूक युवा समाज के लिए महत्वपूर्ण संसाधन साबित हो सकते हैं। ‘युवा आपदा मित्र’ के रूप में प्राप्त प्रशिक्षण का उपयोग प्रतिभागी न केवल स्वयं की सुरक्षा के लिए, बल्कि अपने परिवार, समुदाय एवं समाज के लोगों की सहायता के लिए भी कर सकते हैं।
इस अवसर पर एस.डी.आर.एफ. की टीम के द्वारा शिविर के दस चयनित प्रतिभागियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सभी प्रतिभागियों के बीच प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र एवं बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई गई आपदा प्रबंधन किट का वितरण किया गया।
शिविर समन्वयक डॉ. गौरव भारती ने सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के सफल संचालन में सहयोग देने वाले बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एस.डी.आर.एफ. की टीम, महाविद्यालय प्रशासन, शिविर प्रबंधन समिति के सदस्यों तथा सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को आपदा के समय सक्षम, सजग, संवेदनशील एवं जिम्मेदार प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में तैयार करना है।
सात दिनों तक चले इस प्रशिक्षण शिविर में पूर्वी चम्पारण के युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न प्रकार की आपदाओं से निपटने के लिए आवश्यक व्यवहारिक एवं जीवनरक्षक कौशल प्राप्त किए। समापन के साथ ही प्रतिभागियों ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी जिम्मेदार भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

