विशेष लोक अदालत में चेक बाउंस के 81 मामलो का आपसी सहमति से हुआ निपटारा
-सुनवाई के लिए पांच बेंचों का किया गया था गठन
मोतिहारी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, के तत्वावधान में शनिवार को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (चेक बाउंस) से संबंधित मामलों के निष्पादन के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिले भर में कुल पांच बेंचों का गठन किया गया था, जिनमें तीन बेंच मोतिहारी, एक ढाका तथा एक अरेराज में स्थापित की गई।
मोतिहारी स्थित कोर्ट कैंपस में तीन बेंच लगाए गए थे। इन बेंच पर शैला शुक्ला, एसीजेएम- 5, कुमारी रिंकू, न्यायिक दंडाधिकारी तथा कंचन प्रभा, एसडीजेएम, रक्सौल को पीठासीन पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त थे। वहीं, अरेराज बेंच के लिए उपेंद्र साह तथा ढाका बेंच के लिए विवेक कुमार मिश्र पीठासीन पदाधिकारी बनाये गये थे।
विशेष लोक अदालत की बेंच संख्या-1 में 24,बेंच संख्या-2 में 41, बेंच संख्या-3 में 06, बेंच संख्या- 4 में 07 तथा बेंच संख्या- 5 में 03 वादों का निष्पादन किया गया। इस प्रकार कुल 81 मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर निपटारा किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अभिषेक कुमार दास एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मोतिहारी नितिन त्रिपाठी द्वारा सभी बेंचों का भ्रमण कर वादकारियों एवं अधिवक्ताओं को अधिक से अधिक मामलों के सौहार्दपूर्ण निष्पादन के लिए प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने कहा कि विशेष लोक अदालत के माध्यम से वादकारियों को त्वरित, सुलभ एवं कम खर्चीला न्याय उपलब्ध हो रहा है, जिससे समय एवं संसाधनों की भी बचत हो रही है।
विशेष लोक अदालत में कई ऐसे मामले भी सामने आए, जिन्होंने मानवता एवं सामाजिक संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। कुमारी रिंकू, न्यायिक दंडाधिकारी की बेंच में दो मामलों में वादकारियों ने विपक्षी पक्ष की मृत्यु एवं उनकी आर्थिक स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए चेक की राशि को माफ कर दिया। इस मानवीय पहल ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया।
इसके अतिरिक्त, एसीजेएम -12 अविनाश कुमार के न्यायालय से संबंधित लगभग 18 लाख रुपये के चेक बाउंस वाद का भी विशेष लोक अदालत के माध्यम से निष्पादन किया गया। विशेष लोक अदालत के सफल संचालन में गैर-न्यायिक सदस्य के रूप में भीष्म कुमार, मुक्तिनाथ शर्मा, रविनंदन शर्मा, अभय कुमार तथा राजाराम प्रतिनियुक्त किये गये थे।
इसके अतिरिक्त न्यायालय कर्मियों में अभिजीत कुमार, राजेश कुमार प्रसाद, अजय कुमार, राज प्रकाश, मुकेश कुमार, कृष्णकांत कुमार एवं दीपक कुमार ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज की विशेष लोक अदालत में 10 साल से पुराने 10 से ज्यादा मामले निपटाए गए।

