डीआईजी ने घुसखोर रामगढ़वा थानेदार को किया सस्पेंड
पूर्वी चंपारण। चंपारण परिक्षेत्र के डीआईजी हर किशोर राय एवं पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने खाकी वर्दी को शर्मशार करने वाले पुलिस अधिकारी पर बड़ी कारवाई की है।
लिहाजा जिले के चौकीदार से लेकर थानेदार, इंस्पेक्टर, डीएसपी स्तर के अधिकारीयों की कर्तव्यहीनता, लापरवाही, भ्रष्टाचार, कार्य एवं नियमों के प्रति उदासीनता बरतने वाले अधिकारियो में भय व्याप्त है। हाल फिलहाल लखौरा थानाध्यक्ष को कर्तव्यहीनता के आरोप में डीआईजी ने निलंबित कर दिया।
अब रामगढ़वा थानेदार पर गाज गिरी है। डीआईजी हर किशोर राय ने रसूख वाले एक सूदखोर से साठगांठ के आरोप में उक्त कार्रवाई की है। दागी रामगढवा के थानाध्यक्ष राजीव कुमार साह एक रसूखदार सूदखोर से सांठ-गांठ कर बेगुनाहगार को गैर-कानूनी तरीके से हाजत की सलाखों में बंद कर दिया। उक्त घटना 15 जून की है। बताते हैं कि रखवरिया गांव निवासी निवासी बाल कन्हाई महतो का कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया।

डायल-112 की पुलिस ने अपहृत सहित अपहरणकर्ता को कब्जे में लेकर थाना ले आई। लेकिन थानेदार मामले में रिश्वतखोरी करके बेगुनाहगार अपहृत के साथ अन्यय पर उतारू होकर पैसे का खेल खेलने लगे। थानेदार ने रसूखदार सूदखोर के आगे नत्मस्तक होकर पुलिस वर्दी को दागदार बना दिया।
रिश्वत और रसूख की ऐसी जुगलबंदी ने जुर्म को अंजाम देने वाले मुजरिम को महज एक घंटे के भीतर छोड़ने पर मजबूर कर दिया, वहीं पीड़ित बालकन्हाई को बिना किसी एफआईआर के, 24 घंटे से ज्यादा समय तक हिरासत में प्रताड़ित होना पड़ा।
मामले में पीड़ित की पत्नी सुनीता देवी डीआईजी के पास पहुंच कर जब पूरी बात बताई तो अधिकारी भी सन्न रह गए। डीआईजी मामले में संज्ञान ले लिए। फलस्वरूप जांचोपरांत थानेदार का गुनाह पूरी तरह बेनकाब हो गया। डीआईजी द्वारा तलब जबाब तलब पर थानेदार की ओर से तथ्य परख संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
आश्चर्यजनक है कि सूदखोरी के इस घिनौने धंधे की भनक के बावजूद दरोगा ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं किया। लिहाजा विभागीय रूल के अनुसार अनुशासन के खिलाफ, घोर लापरवाही और मनमानी का ‘संगीन जुर्म’ मानते हुए डीआईजी ने आरोपी थानेदार को निलंबित कर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं। इस सख्त कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप है। जबकि अपराधियों में खौफ दिखने लगा है। बकौल डीआईजी हर किशोर राय पुलिस मैन्युअल सभी पुलिस पदाधिकारी सहित कर्मियों के लिए निर्धारित है। मैनुअल के विरुद्ध जो भी अधिकारी कार्य करेंगे, उनके खिलाफ विधि संवत कार्रवाई तय है।
उल्लेखनीय है,कि जिले के आधा दर्जन से अधिक भष्ट्र थानेदार अभी कारवाई की जद मेंं है। जो पुलिस मैन्युल के विरूद्ध जमीन कारोबारी और जमीन विवाद में बिना स्थानीय अंचल के रिपोर्ट पढे निर्दोष लोगो पर कारवाई कर रहे है,कानून के विरूद्ध मोटी रकम की उगाही कर लोगो धमकी दे रहे है।

