पूर्वी चंपारण के 42 पैक्स अध्यक्षों ने की आमानत में ख्यानत, वारंट जारी
मोतिहारी। चंपारण में 42 पैक्स अध्यक्षों ने अमानत में ख्यानत की है सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक ने जनता और सरकार के प्रति दायित्वों का निर्वहन नहीं करने वाले पैक्स अध्यक्षों के विरुद्ध 3 करोड़ 87 लाख 49 793 तीन करोड़ सतासी लाख उनचास हजार बात सौ तिरानबे रुपया नीलम पत्र का मुकदमा दर्ज कराया है।सरकारी राशि गबन करने वाले पैक्स अध्यक्षों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट भी निर्गत की गई है।
यह सभी पैक्स अध्यक्ष केसरिया प्रखंड के हैं,जिनमे अभिषेक कुमार 177430 अभिजीत कुमार 177264 सीमा सिंह पति राकेश कुमार सिंह 17789 राकेश कुमार सिंह 175869 जय नारायण सिंह 177113 मेनका कुमारी पति अभिजीत कुमार सिंह 178191 जोगिंदर ठाकुर पिपरा खेम 2709267 केदार प्रसाद 487362 नवेश साहनी 759306 सुबोध कुमार सुबोध खाद भंडार 12 लाख 18139 अरविंद कुमार सिंह 3 लाख 30858 रामसेवक राय पंचायत सेवक 4 47728 पप्पू कुमार यादव 324676 अब्दुल मनन 419464 राजकुमार शर्मा 295632 राम अयोध्या प्रसाद भद्रकाली ग्लास स्टोर 26 40200 संजीव कुमार 666580 प्रमोद कुमार सिंह पिपरा खेम 10 लाख दो हजार ग्यारह रुपया 12 पैसा जमा प्रवीण कुमार उत्तरी हुसैन 21 लाख 51809 अनिल प्रसाद शाह सुंदरापुर पश्चिम 1078160 संजय कुमार सिंह 3178043 उदय नारायण शर्मा दरमाहा पैक्स अध्यक्ष 3255744 83 पैसा अनिल कुमार शर्मा 487362 पुष्पा देवी पति अनिल कुमार शर्मा 5 लाख 13110 हिदया प्रकाश शर्मा 699508 रूपेश कुमार 711125 प्रमोद कुमार सिंह 405743 शितोष कुमार ठाकुर 571046 प्रकाश चंद्र सिंह 756856 सुरेश कुमार सिंह 816220 सुनील कुमार 577432 मोहम्मद जाकिर हुसैन आलम 6 लाख 26874 विश्व राज सिंह 681427 गायत्री देवी पति सुनील शाह 601803 चंद्रा देवी पति शंभू शरण सिंह 781782 एवं अन्य शामिल है।
इन सभी पैक्स अध्यक्षों के विरुद्ध सेंट्रल को ऑपरेटिव बैंक के प्रबंधक ने नीलाम पत्र मुकदमा दर्ज कराया है। नीलाम पत्र पदाधिकारी विकास कुमार ने मुकदमा दर्ज होने के साथ ही इनके विरुद्ध बिहार पब्लिक डिमांड रिकवरी एक्ट के तहत कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
उन्होंने बताया कि जो पैक्स अध्यक्ष सरकार की राशि गबन किए हैं वे लोग अविलंब सरकार की राशि जमा कर दें।अगर उन्हें इस संबंध में कोई भी आपत्ति है तो, जिनके विरुद्ध वारंट निर्गत की गई है। वह अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपनी बातों को न्यायालय में रख सकते हैं, उनकी बातों को सुनकर विधि सम्मत आदेश पारित की जाएगी।

